कांग्रेस के डॉक्टर प्रत्याशी स्टेथिस्कोप लगाकर क्या नामांकन स्क्रूटनी में पहुंचे, जेसीसीजे के सभी प्रत्याशी चुनाव से हुए बाहर.. अब इस निर्दलीय प्रत्याशी से आस

सुमित जालान, तोपचंद GPM। मरवाही उप चुनाव के लिए फाइल हुई नॉमिनेशन की आज स्क्रूटनी की गई। इसमें दावा आपत्ति के लिए कांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर कृष्ण कुमार ध्रुव स्टेथिस्कोप लगाकर पहुंचे। इस दौरान कृष्ण कुमार ने जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी और ऋचा जोगी के नामांकन पत्र में जाति के मसले पर आपत्ति दर्ज की। आपत्ति दर्ज करते ही एक के बाद एक सभी जेसीसीजे के प्रत्याशियों के नामांकन को चित कर दिया। कांग्रेस जो राह मरवाही उप चुनाव के लिए निकाल कर रखी थी वह सफल हुआ।

कृष्ण कुमार के आपत्ति दर्ज करते ही यह बात सामने आई कि अमित जोगी की जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया है, और इस आधार पर अमित का नॉमिनेशन को रद्द कर दिया गया। अमित की पत्नी ऋचा जोगी का भी जाति प्रमाण पत्र निलंबन होने की स्थिति में नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया। शाम होते तक जेसीसीजेकी एक और प्रत्याशी पुष्पेश्वरी तंवर का भी नामांकन निरस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि पुष्पेश्वरी तंवर ने अपने नामांकन के साथ जेसीसीजे का बीफार्म जमा नहीं किया था, जिसके चलते उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। देर शाम तक आलम यह रहा कि निर्वाचन आयोग ने मूलचंद सिंह का भी नामांकन रद्द हो गया। इधर खबर है कि निर्दलीय प्रत्याशी प्रताप सिंह भानू भी जोगी समर्थक बताये जा रहे हैं। अब इनके भरोसे ही मरवाही उप चुनाव की नैय्या पार लगाई जा सकती है।

क्या है प्रताप सिंह भानु का बेकग्राउंड
प्रताप सिंह भानु तकरिबन 20 साल से सरपंची कर रहे हैं और जिला पंचायत सदस्य का भी चुनाव लड़ने का तजुर्बा है, अहम बात आस-पास में प्रताप सिंह जानने वाले भी हैं। प्रताप सिंह जोगी समर्थक हैं, लेकिन उनके निर्दलीय फार्म भरने का आशय समझ से परे है, क्या जोगी अपने और अपनी पार्टी से नॉमिनेशन फाइल करने वालों के नामांकन रद्द होने की खबर रखते थे, बहरहाल अभी स्थिति साफ नहीं है, इस बात को अमित ने अभी साफ नहीं किया है कि वे किसका समर्थन करेंगे।

अमित जोगी ने अपने एक बयान में कहा है कि अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर इस पर निर्णय लेंगे कि कौन चुनाव लड़ेगा, इसी बयान में जोगी ने कहा है कि वह चुनाव रद्द करवाने न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने ने कहा है कि इस मसले पर वह पहले ही कोर्ट के शरण में हैं।

कृष्ण कुमार के वकील ने कहा – वकील ने कहा कि हमने अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी के जाति प्रमाणपत्र के दावा आपत्ति दर्ज की थी। जिस पर अमित ने समय मांगा था, चूंकि छानबीन समिति ने अपनी जांच में यह पाया कि अजीत जोगी आदिवासी नहीं है तो फिर उनके बेटे कैसे आदिवासी होंगे। ऋचा जोगी की जाति प्रमाण पत्र को भी छानबीन समिति ने निलंबित किया है उसे प्रभावहीन बताया है। इसलिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने उनके नॉमिनेशन को रद्द किया है।

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