सोशल मीडिया में सामान्य प्रशासन विभाग के फर्जी पत्र वायरल, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल के प्रति सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश

जंजगीर/चांपा,बिट्टू शर्मा। सोशल मीडिया में इन दिनों एक आदेश की कॉपी वायरल हो रही है। जो कि सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य के नाम से जारी किया गया है।

आदेश की जो कॉपी वायरल हो रही उसमें ”जांजगीर-चांपा जिले के बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल के नाम शासकीय संस्थाओं से
हटाने का फर्जी आदेश” जारी दिख रहा है।

दरअसल उसमें यह लिखा है, कि संविधान के अनुसार समस्त जमीदारी प्रथा का अंत कर दिया गया है।
अंग्रेजों द्वारा दी गई उपाधि मालगुजार, जमीदार, राजा जैसी प्रथा अब नहीं चलेगा। जिसमें जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी
ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर का नाम भी शामिल है।

पत्र में बैरिस्टर के संबंध में कई आपत्तिजनक
शब्द भी लिखे हैं। फर्जी पत्र में यह भी उल्लेख है कि शासन ने निर्णय लिया है कि
अंग्रेजों के वफादार बैरिस्टर के नाम संचालित समस्त शासकीय योजनाएं, संस्थाओं को विलोपित किया जाए। इतना ही नहीं सीलिंग एक्ट लागू होने के बाद
इनके नाम जमीन की राजसात की जाए।

फर्जी आदेश पत्र की जानकारी मिलने के बाद अपर
सचिव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर फर्जी पत्र वायरल करने वाले के नाम पर कार्यवाही
करने के निर्देश दिए हैं, वहीं बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज भी कराई
जा चुकी है। और  जांच प्रतिवेदन सामान्य
प्रशासन को सौंपने का आदेश दिया है। फिलहाल यह आदेश गोपनीय रखा गया है। ताकि
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

आपको बता दें कि, बैरिस्टर
ठाकुर छेदीलाल जिले के एक ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं जो देश की आजादी में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ हमेशा लड़ाई लड़ी। जिसकी
वजह से उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा मिला है। उनके नाम से जिले में
जिला चिकित्सालय, शासकीय महाविद्यालय सहित कई शासकीय
संस्थाएं संचालित है। वहीं हर साल सितंबर माह मे बैरिष्टर स्मृति समारोह का आयोजन
भी शासन के द्वारा कराया जाता है जिसमे स्थानीय और प्रदेश भर के कलाकारों को मंच
मिलता है।

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