@दुर्गेश चंद्राकर

तोपचंद, बिलासपुर। बिलासपुर शहर में बेजा-कब्जा हटवाने गए निगम अधिकारी पर चाय बेचने वाले दो युवक ने जानलेवा हमला कर दिया। ठेले में तोड़फोड़ से गुस्साए लड़के ने तार से अधिकारी के गले को दबा दिया। हमले के बाद वहां हड़कंप मच गया। जैसे-तैसे वहां उपस्थित अन्य अफसरों व कर्मचारियों ने अधिकारी को बचाया। पुलिस ने आरोपी दो लड़कों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना आज सुबह 11 बजे की है। दरअसल सरकंडा साइंस कॉलेज की छात्राओं ने पिछले दिनों कलेक्टर से शिकायत की थी कि उनके कॉलेज के आसपास मौजूद दुकानों में दिनभर असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है, जो कॉलेज आने जाने के दौरान उनके साथ छेड़खानी कर उन्हें परेशान करते हैं।

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गोल्डी टी स्टॉल संचालकों ने किया हमला

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को निर्देशित किया कि वह यहां नियम विरुद्ध बने अवैध ठिकानों को हटाए। जिस पर कार्रवाई करने मंगलवार को नगर निगम अतिक्रमण शाखा का दस्ता पहुंचा था। यहां आस-पास कुछ गुमटी नुमा दुकान मौजूद है, जिनके संचालकों को समझाइश देते हुए उन्हें हटाने का अभियान चल रहा था। इसी में गोल्डी टी स्टॉल भी शामिल है। जिसके संचालक चिंगराजपारा निवासी भावेश गुप्ता और गोल्डी गुप्ता है।

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सरकंडा पुलिस ने किया गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान दुकान संचालकों ने नगर निगम अतिक्रमण शाखा अधिकारी प्रमिल शर्मा पर हमला कर दिया। पीछे से आकर उन्होंने एक तार के जरिए उनका गला घोंट कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। आसपास खड़े लोग तत्काल बीच बचाव में आए और दोनों को पकड़कर सरकंडा पुलिस के हवाले किया। वहीं इस मामले में की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो  नगर निगम आयुक्त कुणाल दुदावत ने इन दोनों बदमाशों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

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आमतौर पर विवादित मामलों में नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता पुलिस बल साथ लेकर चलता है, लेकिन मंगलवार को पुलिस साथ ना होने के कारण यह घटना घटी। अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो फिर इस हमले में प्रवीण शर्मा की जान भी जा सकती थी। एक तो सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकान बना लिया और उसको हटाने पर विरोध ऐसा जैसे कोई उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन से उन्हें बेदखल कर रहा हो।