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मांगों को लेकर सरपंचों ने घेरा CM हाउस, बोले- इतनी महंगाई में घर चलाना हो रहा मुश्किल…

तोपचंद, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के सरपंच राजधानी रायपुर के धरना स्थल में एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने सीएम हाउस घेराव के लिए रैली निकाली लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उनको रोक लिया।

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छत्तीसगढ़ के सरपंचों को बीमा, पेंशन, मानदेय बढ़ाने और विकास के लिए फंड की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास घेराव करने निकले सरपंचों को पुलिस ने सप्रे स्कूल के पास रोक लिया। यहां आक्रोशित सरपंचों के साथ पुलिसवालों की धक्का-मुक्की भी हुई। सभी सरपंच जबतक मांग पूरी नहीं होती तब तक नहीं हटने की बात पर अड़े रहे। इस प्रदर्शन में सरपंचों के साथ उपसरपंच भी शामिल रहे।

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छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के सरपंचों को मानदेय के रूप में महिने में 2000 रुपये मिलता हैं। घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कोई अन्य सुविधा भी सरपंचों को नहीं मिल पाती। हमने कई बार अपनी मांगों के लिए सरकार को अवगत कराया है। अब हम अपनी मांगे मनवा के ही रहेंगे।

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ये है सरपंचों की मांग-

  • सरपंचों का मानदेय 20 हजार रुपए और पंचों का मानदेय 5 हजार रुपए किया जाए।
  • सरपंचों को आजीवन 10 हजार रुपए पेंशन दिया जाए।
  • छत्तीसगढ़ के सरपंचों के कार्यकाल में 2 साल की वृद्धि की जाए।
  • प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना अंतर्गत आवास की राशि 2 लाख रुपए की जानी चाहिए।
  • 50 लाख की राशि तक के सभी कार्य में कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत को ही बनाया जाए।
  • सरपंच निधि के रूप में प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए दिया जाए।
  • मनरेगा सामग्री की राशि हर 3 महीने के अंदर भुगतान किया जाना चाहिए।
  • मनरेगा निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए 40 प्रतिशत अग्रिम राशि सरकार के द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।
  • अविश्वास प्रस्ताव को संशोधन कर जनता के हाथों में दिया जाना चाहिए।
  • धारा 40 में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए।
  • नक्सलियों द्वारा सरपंच को मारे जाने पर 20 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिया जाए।
  • 15वें वित्त आयोग अनुदान राशि केवल उसी ग्राम पंचायत के लिए होना चाहिए।
  • 15वें वित्त आयोग की राशि को अन्य योजनाओं के निर्माण कार्य में नहीं लगाया जाना चाहिए।

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