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IT छापा के बाद लोहा कारोबारी ने बिछाया जाल, 16 सरिया कंपनियों को 12 करोड़ का लगाया चूना, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

तोपचंद, रायपुर। राजधानी के उरला इलाके के टीएमटी सरिया कंपनी में धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। उरला पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। आरोपियों ने 16 से अधिक कंपनियों का सरिया सप्लाई करने के बाद सरिया कंपनियों का पैसा 12 करोड़ गबन कर फरार हो गये। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों में से मुख्य आरोपी भावेश पटेल को गुजरात और दूसरे आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक उरला स्थित ईश्वर टीएमटी कंपनी के संचालक धर्मेन्द्र पटेल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया कि मई 2022 में लगभग 1.33 करोड़ रूपये का टीएमटी सरिया स्वास्तिक स्टील्स नामक फर्म के संचालक भावेश पटेल को बेचा गया था। सरिया को किसी अन्य फर्म में बेचकर भावेश पटेल ने ईश्वर टीएमटी को पैसे दिए और फरार हो गया। जिसके बाद भावेश पटेल की गिरफ्तारी के लिये पुलिस की टीम गुजरात गई। जहां लगातार भावेश पटेल पुलिस को चकमा देता रहा। जिसके बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस रायपुर लाई। पुलिस ने आरोपी को 5 सितम्बर को न्यायालय पेश किया जहां से दो दिनों के लिए पुलिस रिमाण्ड भेजा गया।

रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर के टीएमटी सरिया कंपनियों से खरीदकर धोखाधड़ी

पूछताछ में आरोपी भावेश पटेल ने बताया कि काफी समय से उसके द्वारा रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर के टीएमटी सरिया कंपनियों से सरिया खरीद कर छ.ग. के अलावा अन्य राज्यों को माल सप्लाई किया जाता था। 2019 में उसके जय दुर्गा स्टील्स फर्म फाफाडीह रायपुर में आयकर विभाग का छापा पड़ा था। उसके बाद उसका कारोबार ठप्प पड़ गया था। तब उसने अपने साथी नितेश गोयल निवासी कबीर नगर रायपुर को ट्रेडिंग के काम में शामिल किया। आरोपी ने व्यापारियों को स्वास्तिक स्टील्स उसकी कंपनी है। जबकि यह कंपनी नितेश गोयल की थी। स्वास्तिक स्टील्स नामक फर्म के नाम से टीएमटी विक्रेता कंपनियों से माल खरीद कर छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के खरीददारों को माल बिक्री करने का बड़ा कारोबार फिर से चालू कर लिया। पुराने व्यापारी भावेश पटेल पर भरोसा कर उसे माल देते रहे।

मार्केट में नाम रखने कम दामों में बेचते थे आरोपी

इस दौरान व्यापारियों को धोखा देने का सिलसिला शुरू हुआ। टीएमटी सरिया अधिक दामों में खरीद कर कम दामों में बेचकर भी स्वास्तिक स्टील्स मार्केट में अपना रूतबा कायम रखने का दिखावा करती रही। पर जब विक्रेता कंपनियों की देनदारी बढ़ने लगी तब अचानक जून 2022 के आस-पास भावेश पटेल अपना मोबाईल बंद कर फरार हो गया। तब तक ईश्वर टीएमटी सहित लगभग सोलह कंपनियों का करीबन बारह करोड़ रूपये की देनदारी स्वास्तिक स्टील्स पर थी। व्यापारी भावेश पटेल का तलाश करते रहे। पर वह फरार हो चुका था। व्यापारियों ने स्वास्तिक स्टील्स के ऑफिस में पता किया तो वह फर्म किसी और व्यक्ति नितेश गोयल का होना पाया। इस तरह भावेश पटेल किसी और के फर्म को अपना फर्म बताते हुये व्यापारियों को धोखे में रखकर कारोबार कर रहा था। आखिरकार ईश्वर टीएमटी के द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया गया। भावेश पटेल के गिरफ्तार होने पर सारे मामले का खुलासा हुआ।

दोनों आरोपी एक-दूसरे पर मढ़ते रहे आरोप

भावेश पटेल के द्वारा पूछताछ पर बताया गया कि स्वास्तिक स्टील्स फर्म के असली प्रोपाराईटर नितेश गोयल के साथ 70/30 प्रतिशत के लाभांश में काम करने का करार कर शुरूआत में व्यापारियों का भरोसा अर्जित कर बाद में धोखाधड़ी व बड़े पैमाने में रकम के गबन करने का खेल खेला गया था। पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपी एक-दूसरे के ऊपर आरोप मड़ते रहे। उन्होनें अपने बचाव में कई दस्तावेज भी तैयार किये थे । दोनों आरोपी भावेश पटेल एवं नितेश गोयल को उरला पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर ज्युडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है।

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