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13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरपंच संघ हड़ताल पर, 11 हज़ार से ज्यादा सरपंच ने किया काम बंद कलम बंद आंदोलन

तोपचंद, रायपुर। प्रदेश में अधिकारी और कर्मचारियों के बाद अब सरपंच संघ अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर बैठे है। संघ ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर काम बंद कलम बंद आन्दोलन कर रहे है। बिलासपुर जिले तखतपुर जनपद क्षेत्र के 122 पंचायत के सरपंच आंदोलन में शामिल है।

मानदेय में वृद्धि और विकास के लिए निधि सहित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के सरपंच 25 से अगस्त से काम बंद कलम बन्द आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को आंदोलन का तीसरा दिन था। जनपद कार्यालय के सामने पंडाल लगाकर तखतपुर जनपद के सभो 122 पंचायतों के सरपंच शासन के सामने अपनी मांग रख रहे हैं।

मंत्री, विधायक की तरह हम भी जनप्रतिनिधि

सरपंच कहते है कि विधायक और सांसद की तरह हम लोग भी जनप्रतिनिधि हैं। जब
उन्हें भारी भरकम मानदेय दिया जा सकता है तो हमे भी 20 हजार तक का मानदेय मिलना चाहिए। इसी तरह विधायक और सांसदों की तरह हमे भी ग्राम के विकास की लिए कम से कम 10 लाख तक की निधि दिया जाना चाहिए। जिससे समय आने पर ग्राम में कोई भी जनहित के आवश्यक कार्य कराने के लिए शासन से फंड आने का इंतजार ना करना पड़े।

संघ अध्यक्ष ने कहा 11 हज़ार से ज्यादा सरपंच हड़ताल पर

सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने बताया कि सरपंच संघ की ओर से शासन के 10 अगस्त को रायपुर में धरना प्रदर्शन करने के साथ ही सामने 13 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा गया था। हमारी ओर से मांगों पर निर्णय लेने के लिए शासन को 22 अगस्त तक का समय दिया गया था। लेकिन शासन हमारी मांगे नहीं मान कर हमारी मांगों को अनदेखा कर दिया गया। इसलिए पूरे प्रदेश के 11664 सरपंच काम बंद कलम बंद आंदोलन करने के लिए विवश हैं। जब तक शासन हमारी मांगो पर कोई ठोस सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा।

इन मांगों को लेकर आन्दोलन

सरपंच संघ की ओर से शासन को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांगे है कि सरपंचों का मानदेय 20 हजार किया जाना चाहिए। वहीं पंचों का मानदेय 5000 की मांग भी शामिल है। प्रति पंचायत सरपंच निधि के रूप में सालाना 10 लाख रुपये देने, सरपंचों को 10 हजार आजीवन पेंशन देने की मांग के साथ कोरोना काल के समय को कार्यकाल में न मानते हुए सरपंचों के कार्यकाल को दो साल तक आगे बढ़ाने की मांग की गई है। मनरेगा के कार्यों में 40 प्रतिशत राशि अग्रिम भुगतान करने की मांग भी शामिल है।

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