जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर से हज़ारों की संख्या में लोग रोजी रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में गए हैं और कोरोना की इस महामारी में ऐसे फंसे है। ऐसे में उन्हें भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

मंगलवार की सुबह बस्तर जिला के कोड़ेनार गांव पहुंचे इन मजदूरों के पूछा जा सकता है। ये मजदूर बस्तर से काम की तलाश में चेन्नई गए थे।

एस पी जगदलपुर दीपक झा ने बताया कि 7 मजदूर चेन्नई से सुकमा तक किसी गाड़ी में आई थे। सुकमा से पैदल वो सभी जगदलपुर पहुंचे जहां उन्हें पकड़ लिया गया। उस सभी को मार्क कर आइसोलेशन में भेज दिया गया है।

इन मजदूरों ने अपनी व्यथा बताते कहा कि वे सभी ओरछा नारायणपुर जिला के निवासी हैं। वहां काम पर ले गए ठेकेदार ने सभी को हटा दिया। उन्हें एक मालगाड़ी में बिठा दिया। उसके बाद वे ओडिसा पहुंचे जहां से पैदल यहां तक आए हैं। इन मजदूरों की संख्या 7 है।

आज सुबह ये जब तोकापाल में थककर बैठ गए तो इन्हें देखकर ग्रामीणों ने पूछताछ की। जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई। जिस पर तोकापाल के तहसीलदार ने सभी से पूछताछ के बाद स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। इन मजदूरों ने बताया कि इनके रिश्तेदार कोड़ेनार में रहते हैं। बंद के दौरान वे अपने रिश्तेदार के यहां रह लेंगे।

वहां कोरोना के संक्रमण के बाद जैसे ही काम ठप हुआ इनके पास वापस लौटने के सिवाए कोई दूसरा चारा नहीं था।

बंद के दौरान मजदूरों को देखने के बाद कोरोना से मुस्तैद प्रशासन और पुलिस भी पहुंची। फिलहाल पूछताछ चल रही है। संभव है सभी की जांच भी हो। इसके बाद ये अपने गांव तक पहुंच सकेंगे।

यह कहानी केवल कोड़ेनार की नहीं है बल्कि इस जैसे सैकड़ों गांव बस्तर की आंचल में हैं जहां से लोग आजीविका के लिए बाहर जाते हैं जब मुसीबत आती है तो ऐसे ही लौटते हैं जैसा अभी हुआ है।

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