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Big Breaking: 17 जवान शहीद होने की पुष्टि, 14 घायल

रायपुर। बस्तर के सुकमा के एलमागुंडा के पास शनिवार को हुई 5 घंटे तक पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए है। इस खबर की पुष्टि बस्तर के प्रभारी आईजी पी.सुंदरराज ने की है।

सुकमा एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि एसटीएफ और ड़ीआरजी के जवान एंटी नक्सल ओपरेशन के लिए निकले थे। इस दौरान नक्सली और जवानों के बीच आमना-सामना हुआ था। दोपहर एक बजे से शुरू हुआ मुठभेड़ शाम के दिन ढलने के बाद तक चलता रहा।

ये जवान मुठभेड़ के बाद से लापता बताए जा रहे थे। रविवार को सर्चिंग के बाद मृत जवानों का शव बरामद किया गया है। साल 2020 का यह सबसे बड़ा नक्सली हमला है, जब इतनी भारी तादाद में जवानों की शहादत हुई। रविवार सुबह 500 से ज्यादा जवानों को इनकी तलाश में भेजा गया था। मुठभेड़ स्थल पर ही इन सभी जवानों के शव मिले हैं। जिस इलाके में शव मिले हैं, वो मिलपा इलाका है।

हालाँकि सरकार का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए हैं और कई घायल हुये हैं । लेकिन फ़ोर्स को किसी की नक्सली नेताओं का शव नहीं मिला है।मुठभेड़ में घायल 14 जवानों को शनिवार रात रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनमें से 13 जवानों की हालत सामान्य है एवं 2 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। घायल जवानों में अभी तक किसी भी जवान के शहीद होने की सूचना नहीं है।

मुख्यमंत्री ने की घायलों से मुलाक़ात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचकर वहां इलाज के लिए दाखिल जवानों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा । ये जवान कल सुकमा के पास हुई नक्सल मुठभेड़ में घायल हो गए थे ।

कसालपाड़ इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली होने की मिली थी खबर

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों को दोरनापाल के जंगलों में कसालपाड़ इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों के जमा होने की खबर मिली थी, खबर मिलते ही 550 जवानों की टुकड़ी उस ओर बढ़ी लेकिन नक्सलियों ने भी जंगल मे जाल बिछाया हुआ था, और नक्सलियों ने पहले से ही इस भिड़ंत की योजना तैयार की हुई थी, शुक्रवार को जंगलों में घुसी पुलिस की टीम जब वापस लौटने लगी तब कसालपाड़ इलाके में लगे एम्बुश में फंस गई और पहाड़ों के ऊपर से नक्सलियों ने धावा बोल दिया।

शहीद जवानों की सूची

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