स्टोरी

कोराना वायरस, भ्रांतियां एवं सच

क्या गर्मी बढ़ने से कोराना अपने आप खत्म हो जाएगा? क्या यह गर्म देशों एवं प्रदेशों में नहीं फैलेगा?
चीन, ईटली एवं यूरोपीयन देशों के बाद दक्षिणी एशिया देशों में जिस प्रकार से कोराना वायरस का फैलाव हुआ है उसने एक प्रकार से यह बात साबित कर दिया है कि कोराना वायरस को लेकर जो भ्रांतियां लोगों में बन रही थी कि गर्मी बढ़ने या फिर गर्म प्रदेशों में यह वायरस टिक नहीं पाएगा वह निराधार साबित हुई है। सिंगापुर ली कांग यू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टी कांग सू का कहना है कि टेम्परेचर थ्योरी में दम नहीं है और दक्षिण एशिया में इस का फैलाव इस बात का प्रमाण है।
इसके अलावा एशियन देश इंडोनेशिया, मलेशिया, थायलैंड, फिलिपिन्स, ईरान में जिस प्रकार से कोराना वायरस ने पांव पसारें हैं उसने एक बात साबित कर दिया है कि चाहे वो गर्म देश हो या ठंडा, मरूस्थली वाला या फिर समंदर से घिरा हुआ। इस वायरस का फैलाव रोकने का एक ही तरीका है कि लोग लोगों से कम मिलें। फिलहाल कुछ दिनों तक सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, पारिवारिक समारोहों से दूरी बनाएं।
अन्य प्रकार की भ्रांतियां
गौ-मूत्र पीने से कोराना वायरस नहीं लगता है।
गौ मूत्र पीने के लिए तैयार होने वाले लोगों के लिए सिर्फ इतना ही कहना है कि कोराना वायरस से लड़ने में यह कितना कारगर है इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं। अतः फिलहाल लोगों को ऐसा करने से बचना चाहिए।
मच्छर के काटने से कोराना वायरस फैलने के संदर्भ में WHO को अभी तक कोई भी पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। अतः विशेषज्ञों का कहना है कि मच्छर काटने से कोराना तो नहीं लेकिन डेंगू, मलेरिया जैसे बीमारियां हो सकती है। अतः सावधानी बरते।निश्चित रहें – इससे कोराना वायरस संक्रमण नहीं होता है।
कोराना वायरस से बचने हेतु क्लोरीन एवं अल्कोहल युक्त डिसइन्फेक्टेन्ट का इस्तेमाल करें। पर अगर आपके पास यह नहीं है और आपको संक्रमण हो गया है तो यह फिर आपकी कोई मदद नहीं कर पाएंगें। क्योंकि शरीर के अंदर एक बार कोराना वायरस चला गया तो बाहर छिड़काव से कुछ नहीं होता। हां ऐसी स्थिति में संक्रमित व्यक्ति की तबीयत पर इनसे बुरा असर पड़ सकता है।
बर्फ या मौसम की मार से वायरस खत्म हो सकते हैं। फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं मिला है। यह वायरस अब तक वेदर प्रूफ है।
कुछ लोग यह भी कह रहे हैं लहसन खाने से इम्यूनिटि मजबूत होती है और आपको कोराना संक्रमण नहीं हो सकता। इसमें कोई दो राय नहीं है कि लहसन खाने से स्वास्थ्य को फायदा होता है लेकिन अगर आप अगर लहसन नहीं खा सकते या नहीं खाते हैं तो आप लहसन खाने वालों के तुलना में कोराना के कम शिकार होंगें ऐसा फिलहाल साबित नहीं हुआ है। तो चिंता मुक्त रहिए। और तो और लहसन खाने से कोराना का प्रभाव रूक जाता है ऐसा WHO को अपने रिसर्च में अब तक प्रमाणित नहीं हो पाया है।
क्या ज्यादा पानी पीने से कोराना शरीर से बाहर निकल जाएगा? ये एक बकवास से ज्यादा कुछ नहीं है। क्योंकि ज्यादा पानी पीने से शरीर से कम से कम वायरस तो बाहर नहीं जाता। तो चिंता मुक्त रहिए।
कोराना से बचने के लिए कुछ लोग एंटी-बायोटिक लेने लगे हैं। बिना डॉक्टरी सलाह के ऐसा बिलकुल न करें। क्योंकि कोराना एक वायरस है और इससे कोराना से लड़ने में आपको कोई मदद न मिलेगा पर एंटिबायोटिक के नुकसान शरीर को झेलने पड़ सकते हैं।
वैसे भ्रांतियां बहुत सारी है। कोराना वायरस से बचना है तो स्वास्थ्यवर्धक खाना खाएं, पूरा निंद लें, घर में रहें लोगों से मिलना जुलना फिलहाल बंद करें। लोगों को जुड़े रहने के लिए मोबाईल, सोशल मीडिया एवं अन्य साधन अपनाएं।
सुरक्षित रहिए और अपने घर में रहिए।
धन्यवाद।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.