रायपुर। विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने सरकार द्वारा कस्टम मिलिंग नीति जारी नहीं करने को ले कर सवाल खड़े किये।

जोगी ने खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से पूछा कि कस्टम मिलिंग की नई नीति क्यों जारी नहीं की गई है”। 7 से 8 दिन तक छोटी मिलें बन्द रही है। परिवहन में बहुत बड़ा कुप्रबंधन है। क्या यह निर्देश देंगे कि समय पर धान पहुंचाया जाए और चावल उठाया जाए?

इस पर अमरजीत ने जवाब दिया “75 प्रतिशत धन का उठाव हो चुका है। 43 लाख मीट्रिक टन का उठाव हो चुका है। जगह नहीं मिलने की वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है। धान खरीदी के साथ ही विभाग द्वारा समितियों को निर्देश दिया जाता है। महासमुंद के 2 समितियों को परिवहन के लिए कल अनुमति दिया गया है।

अजित जोगी ने फिर कहा “82 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई इससे 32 लाख चावल टन चावल निकलेगा। केंद्र को चावल देने के बाद और राज्य के पीडीएस कोटा पूरा होने के बाद भी , 10 लाख मीट्रिक टन धान बचेगा, धान से इथेनॉल कहीं बना नहीं है”।

खाद्य मंत्री ने कहा- नागरिक आपूर्ति निगम के पास 25.40 लाख मीट्रिक टन चावल रहेगा, 24 लाख मीट्रिक टन की FCI द्वारा लेने की अनुमति केंद्र सरकार ने दी है। उसके बाद 9.42 लाख मीट्रिक टन चावल बचेगा, केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। अनुबंध के अनुसार केंद्र सरकार चावल ले।

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