रायपुर। बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में मंत्री शिव डहरिया से सवाल पूछने को लेकर बीजेपी विधायकों ने आपत्ति जताई, विस अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा यह उचित परम्परा नहीं है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, इतने में विपक्ष ने अपने दल से बंधे होने की बात कही। भाजपा के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने यह तक कह डाला हम हर सजा के लिए तैयार है, लेकिन डहरिया से सवाल नहीं करेंगे।

संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे ने बीजेपी विधायकों से चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। इस पर जनता कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, ऐसा पहले भी हुआ था, इस तरह की कोई बात उठी है, इसलिए संसदीय कार्य मंत्री की पहल से मसला सुलझाने का प्रयास हो, मसला टल सकता है।

इतने में पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी खुद को रोक नहीं पाए और कहा “मैं सदन का सियान हूं”, “शिव डहरिया ऐसी बात बोलें जिसमें अजय चंद्राकर को अच्छा लगे”। मैं माफी मांगने नहीं कह रहा हूं। एक वाक्य मीठा बोलकर सबको सन्तुष्ट कर दीजिए।

अजीत के इतना बोलते ही कांग्रेस वरिष्ठ और बुजुर्ग विधायक वृहस्पति सिंह बोल पड़े “अजय चन्द्राकर को भी थोड़ा सुधरने बोलिये!”

और आखिरकर नगरीय प्रशासन मंत्री  शिव डहरिया ने अपनी चुप्पी तोड़ कहा – “अजय चंद्राकर के लिए मेरे मन में उनके प्रति श्रद्धा है। प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में मैं सभी सदस्यों का सम्मान करता हूं। कभी नोक झोंक हो जाये तो दिल से न लें।

डहरिया के बोलते ही शिवरतन शर्मा ने कहा विधायक दल का निर्णय एक घटना से नहीं लिया। 14 माह में जितनी घटनाएं हुई उसकी वजह से यह निर्णय हमने लिया।

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा “कई बार जातिसूचक व्यवधान आया। उसे लिखकर भी दिया गया। पक्ष-विपक्ष लड़ते रहेंगे। बातों का समाधान होना ही चाहिए। इसके बाद अजय चंद्राकर ने सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।

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