रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन के बाहर राज्यपाल के अभिभाषण पर गहमा-गहमी देखने को मिली। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के विधायक धरमजीत सिंह ने तो अभिभाषण को कचरे के डिब्बे में डालने के लायक तक बता दिया।

इस पर खाद्य मंत्री अमर जीत भगत ने भड़कते हुए कहा कि आदिवासियों को जमीन लौटना, कनिष्ठ बोर्ड का गठन और सरगुजा-बस्तर विकास प्राधिकरण का गठन करना कचरे के डिब्बे में डालने लायक है क्या? यह सब बड़े लोगों के लिए काम करने वाले लोग हैं, भगत ने तंज कसते हुए कहा।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने धरमजीत के बयान पर कहा की “गवर्नर को लेकर आज तक हमने इस तरह की टिपण्णी नहीं सुनी”।

राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में कोई दिशा नहीं है, राज्य के लिए विजन और कार्ययोजना नहीं है। ऐसी बातों का उल्लेख किया गया है उसमें विकास के दृष्टिकोण का अभाव है। राज्यपाल से सरकार ने असत्य कथन कहलवाया।

यह भी पढ़ें

https://topchand.com/kharif-marketing-year-2019-20-ends/

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *