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बजट सत्र: धान पर सियासत… किसी ने कहा हालात बेकाबू तो कोई रिकॉर्ड दिखा रहा

रायपुर। विधानसभा बजट सत्र 2020 के दौरान जैसी उम्मीद थी, धान खरीदी पर सियासी परा गर्म हो चला है। जहां एक ओर सरकार के मंत्री इस साल रिकॉर्ड तोड़ धान खरीदी की बात कर रहे हैं, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी और तमाम विपक्षीय दल सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, कि सरकार धान खरीदी करने में असक्षम है, इसलिए किसानों को सड़क पर उतरकर चक्काजाम करना पड़ रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन से बाहर आकर कहा कि किसान भीगते पानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार कभी लाठी चलाती है। जिलाधीश भागे भागे फिर रहे हैं। सड़क से लेकर विधानसभा तक बीजेपी किसानों की लड़ाई लड़ेगी।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने धान खरीदी को सबसे ‘ज्वलंत सामस्या’ बताया। उन्होंने कहा “दिए हुए टोकन के बाद भी धान खरीदी की व्यवस्था नहीं है। 82 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी उपलब्धि नहीं है। सरकार ने पंजिकृत रकबा में कटौती की है”।

जबकि खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के अनुसार धान खरीदी में राज्य सरकार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। खाद्य मंत्री के अनुसार इस बार 82.80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। 14 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का भुगतान किसानों को किया गया है।

“भाजपा हमारी सरकार पर आरोप लगा के अपनी खोई हुई जमीन तलाश रही है, अगर इतना ही किसानों के साथ थे तो प्रधानमंत्री को पत्र लिख के समर्थन मूल्य देने की बात कहते”, भगत ने तंज कसा।

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