रायपुर। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए की जा रही धान खरीदी गुरुवार रात समाप्त हो चुकी है। सरकार से आयी जानकारी के मुताबिक करीब ढाई लाख किसानों से 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। जबकि सरकार का लक्ष्य 85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी करने का था।

ख़राब मौसम की वजह से प्रदेश में धान खरीदी प्रभावित हुई थी, इसके बाद भूपेश कैबिनेट की बैठक ने धान खरीदी की अंतिम तारीख में 5 दिन और बढ़ा दिए थे। हालांकि कुछ किसान संगठनों का दावा है कि धान खरीदी के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाले बारदाना में कमी है। इसे लेकर कुछ जगहों में प्रदर्शन हुए। हालांकि इन प्रदर्शनों को भूपेश सरकार में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने भाजपा का प्रायोजित प्रदर्शन बताया है।

इधर, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गुरुवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंप 15 दिन धान खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग है, वहीं एक दिवसीय धरना देने का ऐलान किया है। बीजेपी प्रदेश भर में 22 फ़रवरी को धरना देकर सरकार से धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग करेगी।

24 फ़रवरी से वित्तीय वर्ष 2020 का बजट सत्र शुरू हो रहा है, इस सत्र में धान खरीदी के मुद्दे को विपक्ष सरगर्मी से उठा सकता है, जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बजट में किसानों को न्याय योजना के जरिए बोनस देने की तारीख का ऐलान कर सकते हैं। सरकार ने पहले ही न्याय योजना के जरिए अंतर राशी देने के लिए कृषि मंत्री की अध्यक्षता में उप समिति का गठन किया है, और रिपोर्ट मांगा है। वहीं अब तक सरकार तक इसकी रिपोर्ट नहीं पहुंची है।

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