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मादा वन भैंसा की मौत, अधिकारियों ने ये बताई वजह

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उदंती सीता नदी टायगर रिजर्व गरियाबंद में वन भैंस संरक्षण संवर्धन केन्द्र जुगाड़ में मादा वन भैंसा ‘आशा’ की मौत बाद बुधवार को वजह सामने आई है। अधिकारियों ने वन भैंसे के पोस्टमार्टम के बाद बताया कि उसकी मृत्यु प्राकृतिक है, जिसकी वजह वृद्ध अवस्था है।

जानकारी के अनुसार वन भैंसा संरक्षण एवं संवर्धन केन्द्र जुगाड़ में ‘आशा’ को वर्ष 2005-06 में लाई गई थी। विगत 15 वर्षों में आशा ने छह बच्चों को जन्म दिया, जिसमें एक मादा तथा शेष वन भैंसे हैं। आशा से जन्में सभी बच्चे स्वस्थ है।

लगभग 17 वर्षीय मादा वन भैंसा आशा का वन अधिकारियों की उपस्थित में पशु चिकित्सालय पाण्डुका, गरियाबंद, छुरा, जंगल सफारी और बारनवापारा के पशु चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद  बताया कि मादा वन भैंसा आशा की मृत्यु वृद्धावस्था में होने के कारण एक प्राकृतिक मौत है। इसके पूर्व चिकित्सकों के दल ने मादा वन भैंसा के सम्पूर्ण शरीर का परीक्षण किया। मादा वन भैंसा के शरीर में कोई चोट अथवा घाव के निशान संबंधी असामयिक मृत्यु जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए।

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