रायपुर। कहते हैं समय गोल होता है, और इतिहास लौट के आता है. पूर्व मुख्यमंत्री और अब विपक्ष की राजनीति कर रहे रमन सिंह भूतपूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और अब के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरह बात करते नजर आ रहे हैं। शराब-बंदी को लेकर दोनों ही सरकार के अपने अपने तर्क रहे है। लेकिन, विपक्ष में जाते ही नेताओं को प्रदेश शराब का गढ़ नजर आता है। सत्ता में आने के बाद शराब के गढ़ देखने वाली आँखों में कोहरा छा जता है।

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का एक बयान आया है, इस बयान में डॉ. सिंह ने स्वीकार किया है कि छत्तीसगढ़ शराब का गढ़ बनते जा रहा है।

रमन सिंह आरोप लगाते हैं की –“बस्तर में कोचियों का बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ है, सरकार की शराब बंदी की घोषणा रद्दी की टोकरी में डाल दी गई है। ये लोग जनता को भरमाने के अलावा जमीन पर काम करने वाले लोग नही हैं। आजादी के बाद से अब तक यही तो करते आये हैं। शराब बंदी की बात कहकर बियर बार बंद करते हैं, और ग्रामीण इलाकों में अपने लोगों से कोचियागिरी करवाते हैं”।

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