पढ़ने लायक

इसे बस संयोग कहिए या और कुछ .. इन दिनों कवासी मंत्री मंडल से दूर ही रहते हैं

रायपुर। इसे महज संयोग कहिए या और कुछ.. कि आबकारी मंत्री कवासी लखमा इन दिनों अपने मंत्री मंडल की बैठक से दूर नजर आते है। 30 जनवरी और 8 फ़रवरी को कवासी मंत्री मंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए।  

मंत्री परिषद् की बैठक, 8 फ़रवरी

8 फरवरी को हुए मंत्री मंडल की बैठक में राज्य की नई आबकारी नीति बनाई गई। लेकिन, खुद विभाग के मंत्री ही इस बैठक से दूर रहे । जानकारी के अनुसार वह नारायणपुर जिले का ओरछा विकासखंड के अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में देर होने की वजह से वह कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए। 30 जनवरी को भी वह बस्तर में चुनाव होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए।

मंत्री परिषद् की बैठक, 30 जनवरी

यह भी एक इत्तेफाक है, कि बजट प्रस्तावों को लेकर भी आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अभी तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ एक भी बैठक नहीं की । बाकि सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव रखा पर अभी तक कवासी नहीं पहुंचे हैं । शनिवार को मंत्री परिषद् की बैठक के बाद बजट को अंतिम रूप दे दिया है ।

राहुल और सोनिया से मिलते छत्तीसगढ़ के नेता

निकाय चुनाव की जीत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्री मंडल और निकाय चुनाव में जीतकर आये प्रतिनिधियों संग दिल्ली में कांग्रेस की अध्यक्ष और राहुल गांधी से मुलाकात की थी । यहां भी इत्तेफाकन कवासी लखमा नहीं थे । एक ही मंत्री के साथ इतने सारे इत्तेफाक कई सवाल खड़े करते हैं और राजनीति गलियारों में सूबे के मुखिया और कवासी के संबंध के चर्चे पर यकीन करने को मजबूर करते हैं… मगर इसे बस संयोग कहिए !

यह भी पढ़ें

https://topchand.com/not-a-single-liquor-contract-will-be-closed-under-new-excise-policy1/

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.