रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक तंगी को मिटाने में प्रदेश के शराबियों का बड़ा हाथ है। राज्य के शराबी प्रतिमाह 409 करोड़ की शराब खरीद कर प्रदेश को आर्थिक संकट से बचाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
सरकार ने गत वर्ष 5 हज़ार करोड़ का राजस्व शराब की दुकानों से जुटाने का लक्ष्य रखा था, जनवरी तक के स्थिति में सरकार इस लक्ष्य के करीब थी। सरकार के अनुसार जनवरी तक में शराब दुकानों से 4 हज़ार 90 करोड़ रूपये का राजस्व सरकार को मिला है। उम्मीद है 1 अप्रैल तक सरकार अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है।
शनिवार को राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अपनी नई आबकारी नीति जारी कि है। सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आबकारी नीति में बदलाव नहीं करते हुए वर्ष 2020-21, पिछले वर्ष की तरह ही रखा जाएगा। पूर्व में संचालित 662 सभी शराब के ठेके चलेंगे। जहां जरुरत पड़ेगी वहां शराब के ग्राहकों की सुविधा के लिए प्रीमियम शराब की दुकाने आवश्यकता अनुसार खोले जाएंगे। जबकि शराब बंदी की ओर कदम उठाते हुए सरकार ने एफ एल 2 लाइसेंस वाले 49 बियर बार बंद करेगी।

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