स्टोरी

अब राशनकार्ड से ही होगा इलाज

शब्दों का खेल अलग ही होता है, एक-एक अक्षर बातों के मायने बदल देते हैं। यह खेल कानूनविद और राजनेता अच्छे से खेलना जानते हैं। इसका एक ताजा उदाहरण तोपचन्द डॉट कॉम ने पकड़ा है। मामला है… खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना को लेकर जारी किए गए बयान का… प्रेस विज्ञप्तियां.. शोसल मीडिया पोस्ट आदि आदि!

17 जनवरी से प्रदेश में नयी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक खबर आयी कि राशनकार्ड से भी होगा इलाज, सरकारी डीपीआर ने भी यही कहा, कांग्रेसी साथियों ने भी मोर्चा संभाला… बड़े-बड़े फ़ोटो वाले पोस्ट फेसबुक बनाये, राशन कार्ड से भी इलाज, राशनकार्ड से भी इलाज, डॉक्टर इलाज करता है! राशनकार्ड नहीं।

खैर, यह जो राशनकार्ड से भी इलाज था ये दरअसल राशनकार्ड से “भी” इलाज नहीं..राशनकार्ड से “ही” होगा इलाज था.. कन्फ्यूज्ड..अभी परेशानी दूर कर देते है.. सरकार और कांग्रेस की तरफ से हम सभी को यह बताया गया था कि अब स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता नहीं है, आपका इलाज आपके राशनकार्ड से भी हो जाएगा।

 लेकिन, सच्चाई यह थी कि अब सिर्फ राशनकार्ड से ही ईलाज होगा। स्मार्ट कार्ड काम नहीं आयेगा। मलतब अगर आपके पास स्मार्ट कार्ड है और आपने नया राशनकार्ड नहीं बनवाया है, यानी कि आप पात्र नहीं है। नए निर्देश जो जारी हुए है, उससे थोड़ी परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। हाँ! अगर आपके पास केंद्र वाला आयुष्मान भारत वाला कार्ड है तो वो चलेगा। और अब जब आप इलाज के लिए अस्पताल जाएंगे तो आपको नया-नया चीज़े सुनने को मिलेगा, तो जिन परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है उन चीजों की तैयारी आपको करनी चाहिए.. वो हम बताते हैं।

नम्बर एक की, अब सरकार ने जो नियम बनाये है उस हिसाब से मरीज की पात्रता जाँचने के लिए डेटा बेस का इस्तेमाल किया जाएगा.. वही डेटा जो आपके राशनकार्ड वाला है उसी से हॉस्पिटल को लिंक किया गया है। मतलब नए वाले राशनकार्ड में नाम होना जरूरी है। मरीज का सत्यापन करने के लिए आधार नम्बर और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल होगा। पहले बने आयुष्मान कार्ड उपयोग में रहेंगे। लेकिन, स्मार्ट कार्ड का उपयोग अब हम नहीं कर सकते। जिनका बीपीएल राशनकार्ड है, उन्हें 5 लाख और अन्य सभी कार्डधारियों को 50 हजार की सहायता प्रति परिवार मिल सकेगी।

तो एक परेशानी जो इससे खड़ी हुई है, वो यह है कि नया राशनकार्ड जिन्होंने नहीं बनवाया या नहीं बन पाया है, वो इलाज से वंचित हो सकते हैं। तो स्मार्ट कार्ड का चक्कर छोड़िए राशनकार्ड को पकड़िए..

इलाज और शिक्षा ये जनता की सबसे बड़ी जरूरतें है सरकार अगर इन दो मोर्चे को ढंग से संभाल ले तो बाकि व्यवस्थाएं अपने आप लाइन पकड़ लेंगी। स्वास्थ और शिक्षा मिल का पत्थर होती हैं जो देश को दिशा देती हैं। प्रदेश में आई नयी स्वास्थ्य व्यवस्था की इम्प्लीमेंट को लेकर कुछ कमियां भी हैं तो कुछ खासियत भी। तोपचन्द के टीम ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से इस विषय पर विस्तृत चर्चा की है। जिसकी आगे स्टडी अभी जारी है जल्द ही आपको सरकार के फैसले और उनकी खासियत के साथ ही व्याप्त खामियां भी आपसे जल्द साझा करेंगे।

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