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शराबी थे परेशान .. जितनी भी पी लूं, चढ़ती क्यों नहीं? ये है जवाब…

महासमुंद। प्रदेश के शराबी बीते कुछ दिनों से चिंतित और परेशान थे। कहते थे मितान आज कल दारू चढ़ती नहीं.. बेचारे एक पौवा पीने वाले दो पौवा डकार जाते थे.. फिर भी नींद थी कि आती ही नहीं थी। सवाल था कि आखिर शराबियों की नींद कौन उड़ा रहा है।

इसका जवाब सोमवार को महासमुंद जिले से आया है। शराब भट्टी में काम करने वाले पैसे बनाने के चक्कर में शराबियों को पानी मिली हुई शराब की बोतल बेच रहे थे। यह खुलासा तब हुआ जब पुलिस करीब रात 12:30 बजे शराब की दुकान पर पहुंची। पुलिस ने जब दुकान का शटर खुलवाया तो उनके होश उड़ गए, शराब दुकान के भीतर ही अवैध शराब की पैंकिंग की जा रही थी। इस छापे में ख़ाली बोतलों में शराब और पानी को मिलाकर नए स्टीकर, नए ढक्कन की पैकिंग के साथ इस शराब को बेचने वाला रैकेट भी पकडाया।

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पुलिस 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद अन्य शराब की ठेकों पर भी छापे मारकर कार्रवाई हो कती है।

ऐसे करते थे नई पैकिंग

रैकेट ख़ाली बोतलों को लेता है, इनमें हर ब्रांड की ख़ाली बोतल होती थी। इन्हें धोकर बढ़िया से साफ किया जाता है, जिस ब्रांड की बोटल हो उस ब्रांड की शराब और उस में पानी मिलाकर नई बोतल तैयार कर दी जाती थी। जिस बोटल से शराब निकाली जाती उसमें भी पानी भरकर मात्रा पूरी कर दी जाती। याने कि 180 एम एल की दो बोतल से तीसरी बोतल बनती थी, और तीनों की फिलिंग पानी से की जाती थी। पाँच पेटी से साढ़े आठ पेटी बोतल तैयार होती थी। गिरोह के पास नया ढक्कन स्टीकर सब मौजूद होता था, जो कि लगा दिया जाता। ग्राहक जब आता तो उसे सबसे पहले वहीं बोतलें थमाई जाती जिसमें खेल हुआ होता। गोवा जैसे ब्रांड जो कि सस्ते हैं सबसे ज़्यादा खेल उस पर होता था।

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