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तो इन चार बच्चों को मिल रहा इस वर्ष वीरता पुरुस्कार…

रायपुर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नन्हे वीर बच्चों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता पुरुस्कार से नवाजा जायेगा। इसके चयन के लिए मंगलवार को पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई और इस वर्ष चार बच्चों को वीरता पुरुस्कार के लिए चयनित किया गया।

तो आइये जानते है इन चार वीर बच्चों की वीरता के बारे में

धमतरी निवासी कुमारी अंशिका साहू नहरपारा वार्ड नं. 02, संबलपुर की रहने वाली है, दिनांक 17 जुलाई 2018 को अपनी बड़ी बहन कु . आंकाक्षा साहू , कक्षा 7वी में अध्ययनरत , एवं अपने अन्य दोस्तों के साथ खेल रही थी । खेलते हुए गांव के एक मकान के बाहर लगे हुए खुले विद्युत मीटर के वायर को छूने से आकांक्षा करेंट लगने से चिपक गई और वह तड़पने लगी । छोटी बहन अंशिका ने खतरे को भापते हुए बिना समय गवाएं अपनी सूझबूझ से पहने हुए प्लास्टिक के चप्पल से अपनी बहन के चिपके हुए हाथों को जोर – जोर से मारने लगी तब अचानक करंट से चिपकी हुई आकांक्षा एक झटके में करंट से अलग हो गई और उसकी जान बच गई। स्कूल की प्रधान पाठिका को घटना की जानकारी होने पर उनके द्वारा अंशिका से इस संबंध में पूछताछ की गई और उसके साहसी कार्य की प्रशंसा की गई । स्कूल के अन्य स्टॉफ , ग्रामीणों द्वारा अंशिका के साहस और त्वरित निर्णय क्षमता को सराहते हुए प्रशंसा की गई।


रायपुर निवासी कुमारी अनन्या चौहान 17 मार्च 2019 को अपनी चचेरी बहन अनिकृति एवं रिया साहू के साथ सुपेला भिलाई होली मिलन समारोह में गई थी । दुपहिया वाहन से लौटते समय पशु के अचानक सामने आने के कारण दुपहिया वाहन अनियंत्रित हो कर गिर गई और वे तीनों वाहन से गिर कर घायल हो गए । सिर पर चोट आने कारण अनिकृति और रिया घटना स्थल पर ही बेहोश हो गए । अनन्या को भी हाथ एवं पैर में चोट लगने के बावजूद वह राहगीरों की मदद से खुर्सीपार पुलिस थाना पहुंचकर दुर्घटना की मौखिक रूप से जानकारी दी । पुलिस अधिकारियों द्वारा अनिकृति और रिया को चंदुलाल चंद्राकर हॉस्पिटल भिलाई पहुंचाया गया । जहां उनकी प्राथमिक उपचार के पश्चात् रायपुर रामकृष्ण हॉस्पिटल रिफर कर दिया गया । जहां पर उनका उपचार किया गया । अनन्या के सूझबूझ के कारण समय पर अनिकृति व रिया का इलाज पुलिस अधिकारियों के सहयोग से संभव हो पाया । स्कूल के प्राधानाचार्य , द्वारा कु . अनन्या सिंह चौहान को साहस व त्वरित निर्णय क्षमता , व सूझ – बूझ को ध्यान में रखते हुए उसे वीरता पुरस्कार प्रदाय किये जाने की अनुशंसा की गई है । साहसिक कार्य के लिए राष्ट्रीय व राज्य वीरता पुरस्कार प्रदाय किये जाने हेतु अनुशंसा की गई थी।

रायगढ़ के ग्राम चौबेवांधा निवासी राहुल पटेल 17 अक्टूबर 2019 को पीलूराम यादव का दो वर्षीय पुत्र दानेश्वर यादव , आस – पास खेलते हुए ग्राम के शीतला तालाब पहुंच गया । तालाब की गहराई 15 से 20 फीट है । बालक तालाब में लगभग 10 फीट दूर पानी में चला गया और डूबने लगा । तालाब के दूसरी ओर रंगमंच बना हुआ है जिसमें ग्राम का ही बालक राहुल पटेल खेल रहा था । राहुल का ध्यान अचानक तालाब की ओर गया । उसने देखा कि तालाब में कोई छोटा बालक डूब रहा है उसे स्थिति की गंभीरता को वह तुरन्त भांप कर लगभग 150 मीटर की दूरी से दोड़ते हुए आकर अपनी जान की परवाह किये बगैर तालाब में छलांग लगा दी । राहुल को तैरना आता है और वह डूबते हुए बालक दानेश्वर यादव को खींचकर तैरते हुए तालाब के किनारे पहुंच गया । राहुल के इस साहस से बालक दानेश्वर की जान बच गई । स्थानीय लोगो द्वारा राहुल के इस साहसिक कार्य की प्रशंसा की गई । ग्रामीणों द्वारा रंगमंच पर बालक राहुल को श्रीफल तथा नगद राशि देकर सम्मानित किया गया । छत्तीसगढ़ सोनकर सामाज द्वारा भी राहुल को सम्मानित किया गया ।


रायगढ़ के ग्राम भठली निवासी प्रमोद बारीक ने 15 अगस्त 2019 को तलाब में डूबती बच्ची की जान बच्चाई । गांव की ही अनुपमा भोय अपनी नाबालिक बेटी भारती भोय के साथ मैदान के लिए दोपहर करीब 2 बजे गांव के ही गाटा तालाब की ओर गयी थी । सामान्यतः तालाब की गहराई 10 – 20 फीट होती है । वर्षा ऋतु होने के कारण तालाब पानी से भरा हुआ था । बालिका भारती भोय तालाब से पानी लेते समय पैर फिसल जाने के कारण गहरे पानी में गिर कर डूबने लगी जिसे देखकर भारती की माता अनुपमा ने बचाव – बचाव कह कर जोर – जोर से चिल्लाने लगी , तभी पास के मैदान में ग्राम के 15 वर्षीय प्रमोद बारीक जो कक्षा आठवी का छात्र है वह आवाज सुनकर दौड़कर आया और तालाब में डूब रही भारती को देख कर अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ तालाब में कूद गया और डूबती हुई बालिका भारती को खींच कर बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई । यदि समय पर प्रमोद पहुंच कर भारती की जान नहीं बचाता तो कोई अनहोनी घटना घट सकती थी । प्रमोद के अध्ययनरत शाला के प्रधान पाठक , संरपंच , एवं स्थानीय निवासियों द्वारा प्रमोद के साहस की प्रशंसा की गई तथा उसे वीरता पुरस्कार प्रदाय हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है ।
इन सभी बहादुर बच्चों को पुरस्कार प्रदान करने के लिए स्कूल, ग्राम पंचायत व सम्बद्ध जिलाधीशों ने अनुशंसा की थी। इसी पर जूरी समिति ने बैठक में चर्चा कर निर्णय लिया है।


बृजमोहन अग्रवाल के शंकर नगर आवास में आयोजित इस बैठक में राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव डॉ अशोक त्रिपाठी, वीरता पुरस्कार की संयोजक इंदिरा जैन,राजेन्द्र निगम,महिला बाल विकास विभाग के संचालक जनमेजय महोबे, गृह विभाग के अवर सचिव डीपी कौशल, उप सचिव मुकुंद गजभिये, एडिशनल एसपी दीपमाला कश्यप,क्रिस्टीना एस लाल,एससी धीर,एनआर साहू अपर कलेक्टर आदि उपस्थित थे। इन बच्चों को गणतंत्रा दिवस के दिन रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राज्यपाल के करकमलों वीरता पुरुस्कार दिया जायेगा।

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