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सिंहदेव ने सीडा से कहा: इस्तीफ़ा देने वाले डॉक्टर ऐसे ही चले जाएं, दबाव की राजनीति नहीं चलेगी

रायपुर। प्रदेश भर में डबल ओपीडी के विरोध में हड़ताली डॉक्टरों को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दो टूक जवाब दिया है- जो इस्तीफ़ा देना चाहते हैं उन्हें लिख कर देने की भी जरुरत नहीं है, वे ऐसे ही चले जाए। जिस तरह से डॉक्टर्स इस्तीफे की बात कर रहे है वह उनकी रणनीति का हिस्सा जान पड़ता है। सिंहदेव ने इशारों में यह कहा कि डॉक्टर्स सरकार को इस्तीफ़ा देनें की बात कह कर ब्लैकमेल करने की कोशिश न करे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों को इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए, सेवा के लिए उन्होंने नौकरी ज्वाइन की है और उन्हें काम चाहिए। डबल ओपीडी की व्यवस्था जनहित में की गई है, जो कामकाजी लोग है उन्हें असुविधा न हो इस लिए लागू की गई है।

बता दें कि विभाग द्वारा कुछ डॉक्टर्स की बर्खास्तगी के बाद छत्तीसगढ़ इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसीएयेशन (सीडा) ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा की थी। ऐलान के अनुसार आज सीडा पंजीकृत 500 डॉक्टर्स को रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफ़ा देना वाले था, लेकिन वे इस्तीफे के लिए सामने नहीं आये।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग की ओर बस्तर में चलाए जा रहे मलेरिया मुक्त कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस कार्यक्रम में अब तक करीब ढाई लाख लोगों की जांच की गई है और पहले चरण में अब तक 12,108 मरीज़ मिले हैं। औसतन हर साल 40,000 से 45,000 लोग बस्तर में मलेरिया से प्रभावित होते थे।

सिंहदेव ने कहा कि ये अभियान तीन चरणों में होगा। दूसरा चरण जुलाई और तीसरा चरण नवंबर में चलाया जाएगा। सिंहदेव ने बताया कि सरकार मलेरिया के इलाज की पूर्ण व्यवस्था कर रही है। उन्होंने बताया कि घर-घर पहुंचकर मलेरिया की मास स्क्रीनिंग की जा रही है।

टीएस सिंहदेव ने बताया मलरिया सर्वे के लिए 1720 सर्वे दल लगे हुए हैं। विभाग का टारगेट 14 लाख व्यक्तियों की रक्त की जांच करना है। सिंहदेव के मुताबिक राज्य में मलेरिया के कुल 64 फीसदी मामले बस्तर में ही मिलते हैं।

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