रायपुर। राज्य सरकार ने रूरल मेडिकल असिस्टेंट (RMA) या ग्रामीण चिकित्सा सहायक के नाम के आगे डॉक्टर लगाने की पात्रता खत्म कर दी है। इसके बाद अब RMA अपने नाम के आगे डॉक्टर नहीं लगा सकेंगे।

बता दें कि गांव में स्वास्थ्य सेवाएं देने वालों को पहले ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) पदनाम दिया गया था, जिसे राज्य सरकार ने 3 जनवरी 2017 को आदेश जारी कर सहायक चिकित्सा अधिकारी पदनाम दिया था। इस आदेश को वर्तमान भूपेश सरकार ने निरस्त कर दिया है। अब गांव में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले ग्रामीण चिकित्सा सहायक कहलाएंगे।

इस सम्बंध में गुरुवार को विभाग के अवर सचिव सुनील नारायणिया ने आदेश जारी किया है। वर्तमान में प्रदेश भर में 1250 से ज्यादा एमआरए कार्यरत है। इनमें से 600 नियमित व 650 से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सविंदा में कार्यरत शामिल है।

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