बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मानवता का परिचय देते हुए डेंगू की बीमारी से लड़ रहे युवक की जान बचाई है। डॉक्टरों के अनुसार डेंगू पीड़ित को अगर खून नहीं मिलता तो उसकी जान भी जा सकती थी। लेकिन, ASP मिर्जा जियारत बेग की मदद से पीड़ित को ब्लड दिया गया और वो अब खतरे से बहार बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक बीजापुर में गंगालूर के धुर नक्सल प्रभावित गांव कावडगांव का रहने वाला 28 साल का सुक्कू पूनेम 11 जनवरी की रात तेज बुखार से जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए पहुंचा। इलाज के दौरान पता चला कि सुक्कू को डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी ने अपने चपेट में ले लिया है। शनिवार रात सुक्कू को ब्लड की जरूरत थी, ऐसी में बीजापुर में पत्रकारों और अन्य लोगों ने मदद मांगी गई।

रात काफी हो जाने की वजह से कई रक्तदाता अस्पताल आकर ब्लड डोनेट करने से इंकार करते रहे। इसके बाद बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिर्जा जियारत बेग से संपर्क किया गया। मरीज की स्थिति का अंदाजा लगते ही एएसपी ब्लड डोनेट करने के लिए जिला अस्पताल के लिए निकल गए। एएसपी मिर्जा जियारत ने न केवल रक्तदान किया बल्कि मरीज की आर्थिक मदद भी की। रक्तदान करने के बाद एएसपी मिर्जा ने कहा कि मैं एक अधिकारी होने से पहले एक इंसान हूं और इंसानियत ही मेरा पहला धर्म है।

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