रायपुर। झीरम नरसंहार मामले की न्यायिक रिपोर्ट आने में अभी तीन महीने और लगेंगे। राज्य सरकार ने न्यायिक आयोग की सिफारिश पर इसकी अवधि तीन महीनों के लिए बढ़ा दी है। आयोग को इस साल के अंत तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपना था। लेकिन, आयोग ने अपनी जांच को अधूरा बताते हुए समय अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। सरकार ने आयोग को 31 मार्च तक का समय दिया है। आयोग को अपनी रिपोर्ट 31 दिसंबर 2019 तक जमा करनी थी।

कौन कर रहा जांच

एकल सदस्य न्यायिक जांच आयोग का गठन उच्च न्यायलय बिलासपुर के न्यायधीश, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्र की अध्यक्षता में किया है। मतलब यह पूरी जांच जस्टिस प्रशांत अकेले ही कर रहे है। लिहाज़ा जांच में वक्त लगना लाज़मी है।

कब हुआ था झीरम घटी कांड


25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर ताबड़तोड़ हमला कर 30 नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार की जान चली गई थी।

एसआईटी जांच के लिए NIA ने नहीं दिया केस


राज्य में भूपेश सरकार बनने के बाद सरकार ने NIA को पत्र लिखकर घटना का पूरा ब्योरा और केस की वापसी करने की मांग की थी, ताकि SIT जांच जल्द शुरू हो सके। लेकिन ऐसा हुआ नहीं NIA ने पत्र का जवाब नहीं आया।

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