यूं तो छत्तीसगढ़ अपने लजीज पकवानों ने फेमस है लेकिन यहां पकवान बनाने के तरीके भी अनोखे है।

बस्तर की एक ऐसी ही खाना बनाने की पद्धति है जो पुराने जमाने से चले आ रही है.. इसका नाम है दोना पूडगा

बस्तर में रहने वाले आदिवासी ज्यादातर मांसाहारी पकवान खाते है।इन्हीं मांसाहारी पकवान जैसे मछली या मुर्गा को जंगल में या घर में बनाने के लिए एक पुरानी पद्धति बस्तर में देखने को मिलती है।

खास बात यह है कि इस पद्धति में बर्तनों का उपयोग नहीं कर के पत्तो से बने दोना को प्रयोग किया जाता है।

मछली या मुर्गा बनाने के लिए मांस को अच्छी तरह से धोकर, हल्दी नमक मिर्च एवं मसाले सहित पत्तों के दोनो में अच्छे से बांध दिया जाता है। लेकिन ध्यान रहे इन दोनो में तेल या पानी नहीं डाला जाता है। उसके बाद इन पत्तों के दोनो को आग में सेका जाता है।

इस तरह से बने पकवान बेहद स्वादिष्ट होते है और सेहत के लिये फायदेमंद भी होते है।

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