छत्तीसगढ़ ने इन दिनों समाज कल्याण, कृषि, उद्योग और व्यापार के विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया है। और इन कार्यों से प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

देश के सभी बड़े राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ चौथा ‘गुड गवर्नेंस’ वाला राज्य है। केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने राज्यो की रैंकिंग सूची जारी की है।
इस रैंकिंग सूची में देश के सभी राज्यों को तीन अलग अलग वर्गों में रखा गया है। 18 बड़े राज्यों वाले वर्ग में छत्तीसगढ़ को रखा गया है। और नौ अलग अलग मानकों पर सभी राज्यो को रैंकिंग दिया गया है।

सभी मानकों में छत्तीसगढ़ की स्थिति

समाज कल्याण एवं विकास के क्षेत्र में प्रदेश पहले स्थान पर है। छत्तीसगढ़ ने लिंग अनुपात, स्वास्थ्य बीमा, ग्रामीण रोजगार गारंटी, बेरोजगारी दर, आर्थिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किया है।

कृषि और सम्बन्धित क्षेत्र के मानक में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर है। कृषि ऋण माफ जैसे कार्य की वजह से प्रदेश मध्यप्रदेश और राजस्थान के बाद तीसरे स्थान पर है।

न्यायपालिका और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और केरला के बाद तीसरे स्थान पर है।

व्यापार और उद्योग के श्रेणी में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। पहले झारखंड, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्य है।

आर्थिक शासन और प्रशासनिक अर्थशास्त्र के मानक में छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर है।

मानव संसाधन विकास के श्रेणी में शिक्षा, गुणवत्ता, स्वरोजगार जैसे मापदंड के आधार पर प्रदेश 14वें स्थान पर है।

लोकस्वास्थ्य में शिशु, मातृ मृत्यु, प्रजनन दर व स्वास्थ्य सेवाओं में राज्य 14वें स्थान पर है।

पर्यावरण में जयवायु परिवर्तन के लिए राज्य स्तरीय कार्य योजना और वन क्षेत्र में बदलाव के आधार पर छत्तीसगढ़ 13वें स्थान पर है।

छत्तीसगढ़ में किये जा रहे विकास कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। हाल ही में प्रदेश को मनरेगा, आजीविका मिशन, आवास योजना में बेहतरीन कार्य के लिए 22 पुरस्कार दिए गए है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *