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गैर सरकारी संगठनों ने किया सविंधान बचाने का आह्वान, कल हजारों की संख्या में करेंगे एनआरसी और सीएए का विरोध

रायपुर। नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी को लेकर देश भर में मचा बवाल अब छत्तीसगढ़ के भिलाई भी पहुँच गया है। इस कानून के विरोध में गैर सरकारी संगठनों ने मोर्चा खोलते हुए संविधान बचाओ रैली का आह्वान किया गया है। कल दोपहर 2  बजे भिलाई के सेक्टर 2 से सेक्टर 7 तक जाएगी। इस रैली में हजारों की संख्या में लोगों से जुड़ने की अपील की गई है।

हाउस लीज संघर्ष समिति के संयोजक राजेन्द्र परगनिहा ने बताया कि 1906 में महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में गोरे अंग्रेजों द्वारा लाए गए ऐसे ही कानून ए.आरसी. का विरोध करते हुए इस कानून को मानने से इन्कार कर दिया था। गांधी ने एशियाई मूल के लोगों को इस कानून के लिए हस्ताक्षर और अंगूठा नहीं लगाने कहा और इसके विरोध में सत्याग्रह का आयोजन किया। दक्षिण अफ्रीका में लाए गए इस कानून में एशियाई मूल के लोगों को अपनी पहचान सिद्ध करनी पड़ती थी।

परगनिहा ने बताया कि कुछ ऐसा ही कानून यहां के काले अंग्रेजों द्वारा नागरिकता संशोधन एक्ट और राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण कानून के रूप में लाया गया है। जिसमें हर नागरिक को अपनी नागरिकता सिद्ध करनी पड़ेगी। यह भारत के संविधान की आत्मा के खिलाफ है। इन कानूनों से देश के दलितों, गरीबी, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इससे इन वर्गों के लोगों को अनावश्यक रूप से कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार द्वारा लाया गया यह कानून विभाजनकारी है एवं संविधान के आत्मा के विरुद्ध है। यह देश के लोगों को बांटने वाला है, इससे लोगों के बीच वैमनस्यता पैदा होगी यह देश की एकता – अखंडता और हमारी विविधता में एकता को नष्ट करने वाला कानून है। इसके अलावा इन दोनों कानूनों को लागू करने से देश पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

नोटबंदी के समय भी लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इससे देश को कोई फायदा नहीं हुआ। इसके उलट नोटबंदी के दौरान देश के कई हिस्सों में लोगों को राशन से लेकर इलाज तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग राशि अभाव में अस्पतालों में इलाज तक नहीं करा पाए और उनकी मृत्यु तक हो गयी|

संविधान बचाओ समिति (रायपुर नागरिक मंच) द्वारा नागरिकता संशोधन बिल और राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण कानून को संविधान की आत्मा के खिलाफ बताते हुए राज्य के हर नागरिक और सामाजिक संगठनों को इस कानून के विरोध में भिलाई में आयोजित की जा रही रैली में शामिल होने का आग्रह किया गया है।  

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