रायपुर, केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ का चावल खरीदने की अनुमति दे दी है। इस बात के लिए छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र से अनुमति मांग रही थी। मगर इसके बाद भी छत्तीसगढ़ के किसानों को राहत नहीं मिलेगी। यह केवल प्रक्रिया है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग के सचिव को पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि,
केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से उसना चावल लेने को तैयार है, लेकिन इसके पीछे शर्त है कि, राज्य सरकार किसानों को धान का समर्थन मूल्य से उपर बोनस के रूप में एक रूपए भी किसानों को न तो अभी दे न बाद में दे।
केंद्र ने पत्र में यह भी लिखा है कि, एफसीआई में छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर का धान न आने पाए इसे सुनिश्चित किया जाए।

यानी जिस बात की मांग के लिए राज्य में कांग्रेस ने किसानों से मोदी जी के नाम पर पत्र लिखवाया था। वे पत्र मोदी सरकार के खाद्य विभाग पर कोई असर न कर सके।
केंद्र सरकार ने बोनस नहीं देने की शर्त पर चावल लेने की अनुमति ​दी है।
हॉलाकि राज्य सरकार इस परिस्थिति में भी बोनस देने को तैयार है, लेकिन उसे बोनस का नाम देने की बजाय दूसरे योजना के तहत पैसा दिया जाएगा।
इसके लिए राज्य सरकार ओडिशा में चल रहे कालिया योजना और आंधप्रदेश के रायतू योजना का अध्ययन कर रही है। इन दोनों प्रदेशों में इसी स्कीम के तहत किसानों को सीधे राशि देने का प्रावधान है।

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