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तोपचन्द लाया है घोषणा पत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीजेपी-कांग्रेस के घोषणा पत्र में जानिए अंतर

रायपुर। नगरीय निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही अपना-अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। दोनों राजनैतिक दलों ने घोषणापत्र के जरिये युवाओं, महिलाओं और सभी वर्गों को रिझाने की कोशिश की है। ताकि प्रदेश के शहरी सरकार में उन्हें ताबडतोड़ जीत हासिल हो सके।

एक से बढ़कर एक लोक लुभावन वादों से लेस कांग्रेस और बीजेपी की घोषणापत्र में क्या अंतर है? आइए जानते है!

युवाओं को रिझाने के लिए एक तरफ कांग्रेस ने जवाहर जिम योजना, राजीव गांधी ज्ञानोदय केंद्र, महात्मा गांधी शहरी सम्मान योजना शुरू करने की बात कहीं है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने पीईटी, पीएमटी, रेल्वे, बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का नगरीय निकाय में संचालन, करियर काउंसलिंग केंद्र की स्थापना, रोजगार के अवसर, राष्ट्रीय मापदंड के जैसे लाइब्रेरी की स्थापना के वादें किये है।

महिलाओं के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में घाटों में चेंजिंग रूम बनाने, पौनी पसारी योजना में महिलाओं को प्राथमिकता देने, दूसरे शहरों में निवासरत महिला एवं बालिका के लिए सर्वसुविधायुक्त बालिका वसतीगृह और छात्रावास निर्माण का वादा किया है।
वहीं भाजपा ने अपने घोषणापत्र में महिला सुरक्षा के लिए एप, टोलफ्री नम्बर जैसी सुविधा, राशनदुकान का संचालन महिला समूहों द्वारा कराए जाने का वादा किया है।

स्मार्ट गर्वनेंस के वादों में कांग्रेस ने सामुदायिक भवनों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए पायलेट परियोजना का क्रियान्वयन, घर बैठे टैक्स के भुगतान की सुविधा, नल कनेक्शन लेने की सुविधा देने की बात की है।
इसमें भाजपा ने भवन अनुज्ञा तथा मोनिटरिंग ई-मोड़ के जरिये करने, विभिन्न पेंशन योजनाओं के भुगतान के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्ड जिससे हितग्राही पेंशन ATM से निकाल सके और निगम के कर्मचारियों के लिए कॉलोनियों के निर्माण का वादा किया है।

कांग्रेस और भाजपा दोनों के घोषणापत्र लुभावन वादें कर रहे है। अब जनता किनके वादों पर यकीन करती है यह देखना दिलचस्प होगा।

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