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मां ने लगाईं बेटी को मानव तस्करी से बचाने पुलिस से गुहार, चेन्नई से 70 बच्चों की किया रिकवर, 300 अभी भी हैं चुंगल में

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में मानव तस्करी का मामला एक बार फिर सामने आया है, पुलिस ने चेन्नई से कोंडागांव और अन्य जगह के 70 बच्चे रेस्क्यू कर रिकवर किये हैं पुलिस का कहना है कि अभी करीब 300 बच्चे और हैं जो अभी उनके चंगुल में हैं। जिनमें लड़की और लड़के शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों की गिरफ्तार भी किया है। आरोपी बच्चों को ज्यादा पैसे का प्रलोभान देते थे और उन्हें बंधवा मजदूर बनाकर काम लेते थे।   

कोण्डागांव के सिटी कोतवाली थाना में पीड़ित बालिका सूपति सोरी की मां  सैनी सोरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि माह सितम्बर-अक्टूबर 2018 में जयराम सलाम पिता सिलाराम निवासी गचुमकल मड़ानार, उमेश कुमार मण्डावी पिता समलूराम निवासी गुटापारा,  जैतराम नेताम पिता मालू नेताम निवासी बागझर, व अन्य ने उसकी बेटी सुपति और क्षेत्र के अन्य बालक-बालिकाओं को बहला फुसला कर अधिक मजदूरी दिलाने का लालच देकर चेन्नई ले गए। जहां उन्हें बंधक बनाकर काम लिया जा रहा था यहां तक कि बीमार रहने पर भी मजदूरी कराई जाती थी। आरोपीगण धमकी देकर क्षेत्र से बालक बालिकाओ को मजदूरी कराने अपने साथ ले गये हैं । पुख्ता जानकारी मिलते ही थाना कोण्डागांव पुलिस द्वारा आरोपियों के विरूध्द अपराध क्र0-335/2019 धारा 370,34 भा0द0वि0 के तहत एफ0आई0आर0 दर्ज करते हुए प्रकरण में तत्परता से कार्यवाही की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है वहीं सभी बंधकों को सकुशल रेस्क्यू कर विधिवत परिजनों को सुपुर्द किया गया।

इसी प्रकार थाना माकड़ी क्षेत्र में भी अधिक मजदुरी का लालच व झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाने एवं जबरन बंधक बनाकर मजदूरी कराने तथा मजदूरी के बाद रूपये  भी नही देने जैसी सूचना मिलने पर पीड़ित पक्ष के आवेदन पर बंधकों  केा मुक्त कराया जा चुका है।

पुलिस थाना फरसगांव कों मुखबीर से सूचना मिली थी कि बादसाय नेताम पिता मुरहा निवासी देव हरदुली फरसगांव एवं रामसाय नेताम पिता हीरासिंह निवासी देवहरदुली फरसगांव क्षेत्र के 15 लोगों को जिनमें अधिकांश नाबालिग हैं, उन्हें बहला फुसलाकर एवं अधिक मजदूरी का झांसा देकर बंधक के रूप में कार्य कराने के उददेश्य से हैदराबाद ले जा रहे हैं। सूचना की तस्दीक करते हुए जिला पुलिस की विशेष टीम द्वारा सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया तथा राज्य से बाहर ले जाये जा रहे बालक बालिकाओे तथा अन्य बंधकों को रेस्क्यू किया गया। प्रकरण पर थाना फरसगांव में अप0 क्र0- 109/2019 धारा 370,34 भा0द0वि0 का अपराध पंजीबध्द कर आरोपियों कों न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है।

कोण्डागावं पुलिस को गुम बालक-बालिका के पतासाजी के दौरान सी.सी.आर.एस. प्रोजेक्ट सेलम तमिलनाडू के काउंसलर वेद भटटाचार्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बालक बालिकाओं के सेलम में होने की सूचना मिली जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस ने बालक बालिकाओ को उक्त स्थान से रेस्क्यु कर सुरक्षित घर लाने के उद्देश्य से जिला पुलिस कोण्डागांव, जिला बाल संरक्षण इकाई कोण्डागांव की संयुक्त रेस्क्यू टीम तैयार कर बंधकों को छुड़वाने के लिये सेलम टीम रवाना किया गया एवं बंधकों को छुड़वाया गया। पूरे अभियान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 42 बालिकाओं 28 बालक को सकुशल रेस्क्यू कर वापस लाया गया।

अतिरिक्त तमिलनाडू, गोवा, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, आदि राज्यों के विभिन्न कारखानों तथा अन्य स्थानों पर छत्तीसगढ़ के करीबन 300 बालक-बालिकाओं, मजदुरों को बंधक बनाकर काम कराने की सूचना मिली है जिनको रेस्क्यू करने हेतु टीम रवाना की जा रही है।

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