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रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की सीट बढ़ाने का मन बना लिया है, इसके लिए केंद्र ने राज्य को प्रस्ताव भी भेज दिया। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कोरबा, कांकेर और महासमुंद का जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज बन जाएगा। मेडिकल काउन्सिल ऑफ़ इण्डिया के द्वारा तय किये गए मापदंड पर प्रदेश के ये तीनों जिला अस्पताल खरे रहे हैं जिसे देखकर अधिकारीयों ने यह निर्णय लिया है।

केंद्रीय अधिकारीयों के निर्णय के तहत राज्य सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। संचालक (चिकित्सा शिक्षा विभाग) के द्वारा तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं का जायजा लिया जा रहा है। संचालक और उनकी टीम के द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट केंद्र को भेज दी गई।

जब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी तैयार दस्तावेज को लेकर दिल्ली पहुंचे तो केंद्रीय अधिकारीयों (मेडिकल काउन्सिल ऑफ़ इण्डिया) ने कहा की पहले मेडिकल कॉलेज के नाम जमीन का स्थानांतरण कराएं। इसके साथ ही केंद्रीय मेडिकल टेक्नीकल टीम ने कुछ अन्य दस्तावेज की भी मांग की।

राज्य तैयारी में जुटा

राज्य सरकार, फिर से केंद्रीय टीम द्वारा तय की गई मापदंड, मांग की गई जानकारी और मेडिकल कॉलेज के लिए जमींन के दस्तावेज तैयार करने में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थय विभाग के सचिव निहारिका बारीक ने कोरबा, कांकेर और महासमुंद के कलेक्टरों को मेडिकल कॉलेज के नाम जमींन स्थानांतरण करने की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए पत्र भेजा है।

“डॉ. एसएल आदिले ने बताया कि राज्य की ओर से मेडिकल कॉलेज की मंजूरी के तैयार दस्तावेज के साथ एक अधिकारी को दिल्ली भेजा गया था। केंद्रीय अधिकारीयों के ने कुछ अन्य दस्तावेज की मांग की, दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने से केन्द्रीय अधिकारीयों के निर्देश पर राज्य दस्तावेज तैयार करने में लगा हुआ है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर मेडिकल कॉलेज की मंजूरी के लिए दस्तावेज फिर से दिल्ली भेज दिया जायेगा।”  

तीन जिलों में संभावित मेडिकल कॉलेज कहां-

छत्तीसगढ़ सरकार ने कांकेर में चिनौरी और रतेसरा में लगभग 72 एकड़ जमींन चिन्हाकित किया है लेकिन यह भूमि वन विभाग का होने से कुछ दिक्कते आ रही है। कोरबा के इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज के लिए निर्धारित किया गया है। कोरबा कलेक्टर ने भी भवन देने की बात कही है। इंजीनियरिंग कॉलेज को सीपेट के रिक्त भवन में स्थानांतरित किया जायेगा। इसके साथ महासमुंद जिले में जिला अस्पताल से लगभग 2 किलोमीटर की दुरी पर खरोरा में 50 एकड़ शासकीय जमींन को निर्धारित किया गया।

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