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धान खरीदी पर कांग्रेस ने बीजेपी को इस तरह दिखाया आइना !

रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी के मसले पर मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन और संचार विभाग के चेयरमैन शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को किसान विरोधी बताते हुए उनके आरोपों पर पलटवार किया।
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार हर किसान से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदेगी हर उस किसान को,जो धान बेचेगा उसे प्रति क्विंटल 2500 रुपए का भुगतान होगा। किसी भी सूरत में किसी भी किसान को इस योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। किसान अफ़वाहें फैलाने वालों से सावधान रहें।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग किसानों के बीच अफ़वाह फैला रहे हैं, कि राज्य सरकार किसानों को 2500 रुपए नहीं देगी। या हर किसान से 15 क्विंटल धान नहीं खरीदेगी। किसान यह याद रखें कि किसानों से सबसे अधिक दगाबाज़ी इन्हीं लोगों ने की है। पूर्व भाजपा सरकार ने धान का मूल्य 2100 रुपए देने की घोषणा की लेकिन मूल्य कभी दिया नहीं और इन्होंने यह भी कहा था कि वे हर साल 300 रुपए बोनस देंगे, लेकिन चुनावी वर्ष के अलावा कभी बोनस नहीं दिया। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आते ही राज्यों को बोनस देने से रोक दिया गया। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, लेकिन वे कभी प्रधानमंत्री से मिलने नहीं गए कि प्रदेश के किसानों को बोनस देने से नहीं रोकना चाहिए। एक चिट्ठी लिखकर चुपचाप बैठ गए, केंद्र में भी भाजपा की सरकार थी और रमन सिंह भी भाजपा सरकार चला रहे थे। वे चाहते तो मामला सुलझा सकते थे. लेकिन नहीं सुलझाया। अभी भी वे अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री से कुछ नहीं कह रहे हैं। पिछले साल जो राहत बोनस बांटने में दी गई थी वह इस साल फिर से रोक दी गई। माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी बार बार चिट्ठी लिखते रहे, केंद्रीय कृषि और खाद्य मंत्री से मिले। लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को बोनस देने से रोक दिया और कहा कि यदि बोनस दिया तो केंद्रीय पूल में चावल नहीं ख़रीदेंगे। अगर भाजपा के सांसद और विधानसभा के नेता छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ खड़े होते तो यह नौबत नहीं आती। इन सबके बावजूद राज्य की भूपेश सरकार किसानों को बोनस देने के साथ उनका पूरा धान ख़रीदना चाहती है। इसे लेकर भी भाजपा के नेता राजनीति कर रहे हैं। किसानों को इनके बहकावे में आने की जगह सच को जानना होगा।
प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ने कहा, किसानों से झूठ बोलने का काम रमन सिंह ने किया है। उनके झूठे वादे जैसे बेरोजगारों को भत्ता, 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय, 5 साल तक 300 रू. बोनस, 2100 रू. धान समर्थन मूल्य” उनका चाल, चरित्र और चेहरा बेनकाब करते हैं। भाजपाईयों ने कहा कि किसानों को 2500 रू. समर्थन मूल्य देने से बाजार की व्यवस्था बिगड़ेगी। भूपेश बघेल ने दो घंटे में 11000 करोड़ का कर्ज माफ किया। इस वर्ष 85 मीट्रिक टन 2500 रू. में खरीदा जायेगा। रमन सिंह में हिम्मत हो तो मोदी को झूठा कहे। झूठ बोलना तो भाजपा का चरित्र है। भाजपा की केन्द्र सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशे, किसानों की आय दुगुना करने जैसे झूठ का सहारा लिया है। धान खरीदी में 15 वर्षो में घाटा और घोटाला रमन सिंह की सरकार ने किया है। 2013 के घोषणा पत्र में एक-एक दाना धान खरीदने की बात भाजपा ने की थी।

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