हैवानियत की आग देश के कई हिस्सों में तेज़ी से भड़क रही है, प्रियंका रेड्डी से गैंगरेप और बर्बरता पूर्वक हत्या से देश एक बार फिर पुरी तरह से सहम उठा है। दुष्कर्म का ग्राफ़ दिनों-दिन बढ़ते जा रहा हैं। सदन से लेकर सड़क तक शोर है कि इसे लेकर सरकार को ठोस क़ानून बनना चाहिए जिससे हैवानों की रूह कांप उठे।

लगातार सरकार की निंदा की जा रही है, सड़क में प्रदर्शन हो रहे हैं और सोशल मीडिया में मुहिम शुरू की गई है कि बस अब बहुत हुआ! और एक भी बेटी हैवानियत की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। सरकार नहीं तो हम ही करेंगे अपनी बेटियों की रक्षा, और सोशल मीडिया में मुहिम की शुरुआत हो गई है..

“सोशल मीडिया यूजर्स राहुल बग्गा, शिवम जायसवाल, शुभम शुक्ला और आशुतोष रघुवंशी लिखते हैं कि अगर किसी बहन को रात में आने जाने में दिक्कत में हो तो आप मुझे अपना भाई समझकर कॉल कर सकते है आपकी मदद लिये हमेशा खड़ा रहूंगा।,

सरकार आधी रात को सरकार बना सकती है लेकिन नारी सुरक्षा के लिये कोई कठोर कानून नही बना सकती।”

यह देश की क़ानूनी व्यवस्था और केंद्र सरकार पर किसी तमाचे से कम नहीं हैं। सरकार को जल्द से जल्द इस विषय में कड़े कदम उठाने होंगे, जिससे देश की बेटी अपने आप को महफूज समझ सके।

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