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रमन सिंह समेत इन नेताओं की सुरक्षा में कटौती, इनकी बढ़ी सुरक्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह की सुरक्षा में कटौती की गई है। रमन सिंह को पहले जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। केंद्रीय गृह विभाग की समीक्षा के बाद रमन सिंह की सुरक्षा को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया है। रमन सिंह के साथ साथ उनके परिवार में अभिषेक सिंह, अस्मिता सिंह गुप्ता, वीणा सिंह, एश्वर्या सिंह की सुरक्षा में भी कटौती की गई है।

गृह विभाग की समीक्षा में अमित जोगी की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। इसके अलावा चित्रकोट से चुनकर आए विधायक राजमन बेंजाम को नक्सलियों से खतरा देखते हुए जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

क्या होती है जेड प्लस सुरक्षा

देशभर में सबसे महत्वपूर्ण नेताओं अधिकारियों और शख्सियतों  पूर्व प्रधानमंत्रियों, देश के खास मंत्रियों को आमतौर पर जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है. इसमें सुरक्षा का मजबूत घेरा होता है। यह देश में एसपीजी के बाद सबसे मजबूत सुरक्षा घेरा होता है। 

 किसे जेड प्लस सुरक्षा देनी है, इसका फैसला केंद्र सरकार का गृह विभाग करता है। खुफिया विभाग यह पता लगाता है कि, किसे कितना खतरा है। उसी आधार पर जेड प्लस या जेड श्रेणी की सुरक्षा तय की जाती है।

भारत में सुरक्षा व्यवस्था को चार केटेगरी में रखा गया है जेड प्लस (Z+), (उच्चतम स्तर); जेड (Z), वाई (Y) और एक्स (X) श्रेणी। केंद्र सरकार जेड, जेड प्लस और एसपीजी की सुरक्षा पर फैसला लेती है। इसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान सुरक्षा प्राप्त आदमी के आसपास सुरक्षा घेरा बनाए रहते हैं।

 इस समय केंद्र सरकार ने तय किया है कि, प्रधानमंत्री को ही केवल एसपीजी सुरक्षा होगी बाकि, पूर्व प्रधानमंत्री और महत्वपूर्ण लोगों को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। इसके बाद केंद्र में ​काफी राजनीति भी देखने को मिली थी।

जेड प्लस श्रेणी में कितने होते हैं जवान।

जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देश की सबसे बड़ी वीवीआईपी सुरक्षा श्रेणी है। जहाँ एक्स श्रेणी की सुरक्षा में पांच या दो सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है, वाई श्रेणी में 11 सुरक्षाकर्मी और 2 एनएसजी कमांडो तैनात रहते हैं और जेड श्रेणी की सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मी और 5 एनएसजी कमांडो तैनात रहते हैं।

वहीं जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी में वीवीआईपी के साथ 36 जवानों को सुरक्षा घेरे में लगाया जाता है और इस सुरक्षा श्रेणी में 8 घंटे की ड्यूटी के आधार पर, 24 घंटे में 108 जवान सुरक्षा में तैनात होते हैं।

इस वीवीआईपी सुरक्षा श्रेणी में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी ) विशेष रूप से तैनात किये जाते हैं। ये सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी होती है कि कहा जाता है कि इस सुरक्षा श्रेणी में कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

देखें आदेश की कॉपी

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