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राज्यपाल से मिले आदिवासी मंत्री और विधायक, सारकेगुड़ा के दोषियों को सजा दिलाने की मांग

रायपुर। सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ मामले रिपोर्ट आने के कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री कवासी लखमा समेत बस्तर और सरगुजा के अन्य विधायक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल अनुसुइया उइके से कार्यवाही की मांग को लेकर मुलाकात की है।

राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों के कारण बेकाबू हो गयी है तथा उसे लगाम लगाने की कोई ठोस नीति तैयार नहीं की गयी बल्कि सीधे-सीधे ग्रामीण आदिवासियों को निशाना बनाया गया, जिसका स्पष्ट उदाहरण है सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड की न्यायिक जांच रिपोर्ट। 

सारकेगुड़ा न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में हुए खुलासे से स्पष्ट हो गया है कि 28-29 जून 2012 की रात निर्दोष आदिवासियों की नृशंस हत्याएं हुई।

कांग्रेस पार्टी इस ज्ञापन के माध्यम से मांग करती है कि 28-29 जून 2012 की रात बासागुड़ा थाना अंतर्गत सारकेगुड़ा, बीजपण्डुम में बैठक कर रहे महिलाओं, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का मार डाला गया था। जिसमें 16 लोगों को रात्रि तथा 1 की सुबह हत्या कर दी गयी थी। कांग्रेस ने लगातार राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मामले लगातार उठाते हुये निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग करते आ रही है और इस न्यायिक जांच रिपोर्ट से कांग्रेस पार्टी का आरोप सही साबित हुआ है।

इन प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से आदिवासियों के हत्यारों और उनको सरंक्षण देने वालों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

राज्यपाल से मुलकात करने के बाद आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अपने बयान में कहा है कि हमने राज्यपाल से मुलाकात कर उनसे निर्दोष आदिवासियों की निर्मम हत्या करने वालों को सजा मिले और पीड़ितों को नौकरी और मुआवजा मिले। मंत्री ने आगे कहा कि पिछले 11  महीने की कांग्रेस सरकार में फर्जी मुठभेड़ की घटना कम हुई है। मंत्री जी का कहना है कि अब भी एकाद फर्जी मुठभेड़ होती है। मंत्री जी का कहना भी सही है, भूपेश सरकार बनने के बाद से कई घटनाओं में दावा किया गया है कि यह फर्जी मुठभेड़ हैं।   

सरकार बनने के बाद से अब तक कई घटनाओं को ग्रामीण फर्जी बता रहे हैं, दंतेवाडा जिला में तीन फर्जी मुठभेड़ का दावा किया गया है, जिसमें गुमियापाल, हिरौली और कटेकल्याण के मुनगा जंगल शामिल है। इसके अलावा  नक्सलियों ने पर्चा जारी कर 14 सिंतबर को सुकमा के कोत्तागुड़ा में हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया था। नक्सलियों ने पुलिस पर निर्दोष ग्रामीणों को मारने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के आबकारी और उद्योग मंत्री कवासी लखमा को ढोंगी बताया था। बस्तर डिविजनल कमेटी के सचिव विकास ने पर्चा जारी कर ये बातें कही थी। e� ��X h

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