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विधानसभा को बांधने वाला तांत्रिक खुद लड़ रहा है चुनाव, रामलाल के तंत्र क्रिया ने तब नहीं किया था कमाल

रायपुर, बीते विधानसभा चुनाव में तंत्र-मंत्र,साधना, मरी मसान, टोना टोटका का दौर जमकर चला। हालांकि अधिकांश नेता वशीकरण मुठकरणी जैसे उपायों के लिए चुपके से किसी मंदिर या सुनसान जगह पर जाते रहे । लेकिन चुनाव के ठीक पहले विधानसभा परिसर में एक तांत्रिक के पांव पड़े, जिस समय पांव पड़े उसी समय कुछ पत्रकार वहां खड़े थे। जिन्होंने उनसे सवाल जवाब किया तो उसने बताया कि, मैं बाबा हूं,विधानसभा की मिट्टी लेने आया हूं, उसने दावा किया कि, वह उस मिट्टी से अमरनाथ में जाकर पूजा करेगा और बीजेपी को विधानसभा चुनाव 2018 में बहुमत दिलाएगा। इसे लेकर विधानसभा में सदन के हालांकि तंत्र क्रिया और तमाम बातों से लोगों का भरोसा तब उठ गया जब विधानसभा में बीजेपी को 90 विधानसभाओं में से 15 पर जीत मिली।

यही तांत्रिक फिर चर्चा में है।  इस बार खबरों में वे इसलिए हैं कि वे खुद चुनावी मैदान में जा रहे हैं। पामगढ़ जनपद के क्षेत्र क्रमांक 7 से वे चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। हॉलाकि एक बार फेल होने के बाद तंत्र मंत्र से उनका भी भरोसा थोड़ा कम हुआ है। इस बार वे तंत्र मंत्र नहीं बल्कि अपनी लोकप्रियता को लहर बताकर जीत का दावा कर रहे हैं।

दरअसल जिले रायपुर के शहरिया जनमानस ने तांत्रिक समझ लिया था, वह पामगढ़ के रामलाल कौशिक वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष और मुलमुला मंडल के महासचिव है । बिलासपुर पामगढ़ रोड में मुलमुला चौके दाहिने कोने में उनका कश्यप होटल है। वे कश्यप होटल के संचालक हैं।

बीते विधानसभा चुनाव में उनके समर्थक अकलतरा विधानसभा से उनके टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा नहीं जताया और वे निराश हुए, पर उनके अन्दर का राजनीतिक कीड़ा एक बार​ फिर कुलबुलाया है। अब वे जनपद चुनाव में  भाग्य आजमा रहे हैं।

कथित तांत्रिक रामलाल कश्यप ने तोपचंद डॉट कॉम से बातचीत में बताया है कि उन्होंने  विधानसभा चुनाव में भाजपा के जीत के लिए पूजा-पाठ किया था। लेकिन भाजपा हार गई। उनके द्वारा की गई पूजा अर्चना काम नहीं आई । विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद वह जनपद चुनाव लड़ रहे हैं और लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं, इसमें उन्हें अपार जनसमर्थन मिल रहा हैं। 

हालांकि, संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने विवाद शांत कराने की कोशिश करते हुए कहा था कि बाबा की विचारधारा भाजपा से मिलती है, इसलिए वह विधानसभा में पहुंचे थे। लगातार तीन बार भाजपा की सरकार किसी बाबा नहीं जनता के विश्वास से बनी है। आगे भी बनेगी, लेकिन बनी नहीं!

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