छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेजी से उठने लगी है, इसी क्रम में राज्यसभा में सांसद छाया वर्मा ने इस पर चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ी को 8 वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।

राज्यसभा सदन में पक्ष रखते हुए सांसद छाया वर्मा ने कहा ” राज्य में हमने कल 28 नवम्बर को राजभाषा दिवस मनाया, आज राज्य को बने 19 साल हो गए पर छत्तीसगढ़ी भाषा को पहचान नहीं मिली है और यह 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं हुई। उन्होंने कहा, सदन के जरिए छत्तीसगढ़ी को राजभाषा में शामिल करने की मांग करती हूं।”

इस विषय पर सभापति उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा ‘मैं भी गया हूं और मैंने भी ये भाषा सुनी है. सच में बहुत सुंदर और मीठी भाषा है’. साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘मैं इसे बोलने का अधिकार दे सकता हूं लेकिन अनुसूची में शामिल करने का अधिकार मेरे पास नहीं है।”

सदन में उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ी भाषा की जमकर तारीफ की । जब सांसद छाया वर्मा ने “जय जोहार” कहा तब उपराष्ट्रपति ने “जय छत्तीसगढ़” कहकर जवाब दिया।

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