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तो अब तीन हफ़्तों में देना होगा अंतागढ़ कांड से जुड़े लोगों को वॉइस सेम्पल

अंतागढ़ टेपकांड में हाईकोर्ट ने डॉ रमन सिंह व अजीत जोगी की मुश्किलें बढ़ा दी है। प्रदेश के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड में फंसे सभी राजनैतिक दिग्गजों के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी की है।
हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह , पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी , पूर्व मंत्री राजेश मूणत , मंतूराम , अमित जोगी , डॉ पुनीत गुप्ता को नोटिस जारी किया है। दरअसल यह नोटिस वॉइस सेम्पल ना देने के कारण भेजा गया है। राज्य सरकार ने इस मसले पर रिविजन पिटिशन दायर की है, जिस पर हाईकोर्ट ने तीन हफ़्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस शरद गुप्ता की कोर्ट में पेश रिवीजन पिटिशन में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि, अभियुक्तों को आदेशित करें कि वह वॉयस सेंपल दें। बता दें कि टेपकांड मामले में रायपुर विशेष कोर्ट के निर्देश के बाद भी वॉइस सेम्पल नहीं दिया गया। जिसके बाद सभी को 15 दिन की मोहलत देते हुए नोटिस जारी किया गया है।

क्या है अंतागढ़ टेपकांड मामला
साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था। वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे। नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इससे भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया था। बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था। आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई। टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी।

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