विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए धान खरीदी का मुद्दा उठाया। सदन में लगातार धान खरीदी पर विपक्ष और पक्ष का आरोप प्रत्यारोप देखा गया।
भाजपा के शिवरतन शर्मा ने सरकार से सवाल करते हुए कहा “धान खरीदी की तारीख बढ़ जाने किसानों को दिक्कत हो रही है,वें अपना धान नही बेच पा रहे है। किसान की स्थिति अराजक हो रही है।” वहीं जनता कांग्रेस के धर्मजीत सिंह ने सरकार से सवाल किया कि “पूरे प्रदेश में अन्य प्रदेशों से धान यहां आ रहा है लेकिन सरकार धान खरीदी में हांफ रही है। आज सरकार 2500 में धान खरीदने का आदेश जारी करे।”
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा “सरकार ने धान खरीदी की तैयारी पूरी कर ली है। धान खरीदी की तारीख 1 दिसम्बर की वजह धान खेत में नमी ज्यादा होना है। साथ ही अवैध धान को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।” किसान सम्मान निधि के लिए 20 नवम्बर तक किसी किसान परिवार का पंजीयन बाकी नहीं है। 14 लाख 80 हजार परिवारों को सम्मान निधि मिलना शुरू हो गया है। 80 लाख 98 हजार मीट्रिक टन धान गत वर्ष खरीदा गया, इस साल 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र को पत्र लिखकर 2500 रुपये समर्थन मूल्य करने का अनुरोध किया गया है, ऐसा नहीं होने पर राज्य को 2500 देने की अनुमति और केंद्रीय पुल में चावल लेने अनुमति देने के लिए निवेदन किया गया है। उधर, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि हम किसानों के हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है।
इधर जवाब से असंतुष्ट विधायकों ने धान खरीदी विषय को लेकर सदन में विपक्ष ने नारेबाजी के साथ हंगामा किया। और काम रोको प्रस्ताव लाने को कहा गया। विधानसभा अध्यक्ष ने काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार कर चर्चा की अनुमति दी। शासकीय कार्य के बाद स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

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