राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों को दंत रोग के लिए मिलने वाली राशि के विस्तृत परीक्षण और जांच के लिए आदेश जारी किया है। इस जांच के लिए 5 सदस्यीय अंतर्विभागीय जांच टीम  गठित की गई है। दंत रोग के लिए निजी अस्पताल को स्वीकृत राशि 63.81 करोड़ रुपए है, अब इसकी जांच होगी।

इस 5 सदस्यीय टीम में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार रेणु पिल्ले को जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग तथा वन मनोज कुमार पिंगुआ, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निहारिका बारिक तथा डॉ. महेश सिन्हा और डॉ. ललित शाह समिति के सदस्य बनाए गए है।

अंतर्विभागीय सदस्यीय टीम 63.81करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि की सम्पूर्ण जांच करेगी। इस जांच के प्रमुख बिंदु विभाग की स्वीकृति आदेश , अस्पताल द्वारा राशि का किया गया उपयोग और हितग्राहियों को हुए लाभ होंगे।

राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जांच समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया गया है। यह समिति एक माह के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेगी। गौरतालाब है कि राज्य सरकार ने अभी हाल ही में स्मार्ट कार्ड और आयुष्मान योजना से दंत चिकित्सा को हटा लिया था। इसके बाद दंत चिकित्सकों ने इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात भी की थी। वहीं दांत के मरीजों को बीते कुछ समय से असुविधा का सामना करना पड़ा था।

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