फीस वृद्धि को लेकर जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी में चल रहे आंदोलन की आंच छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भी पहुंच गई है। यहां उनके समर्थन में छात्रों ने एक दिवसीय प्रदर्शन कर जेएनयू के छात्रों की मांगों को जायज ठराया है।

केटीयू में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया है। छात्रों का कहना है कि “हम जेएनयू के छात्रों की मांग को सही मानते है और उनका समर्थन करते है, फीस वृद्धि बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।”

केटीयू के छात्रों ने क्लास बन्द कर अपना विरोध दिखाया है। छात्रों का कहना है कि यदि जेएनयू का समर्थन दिल्ली में भी जा कर करना पड़े तो वह करेंगे।

क्या है मामला

जेएनयू प्रसाशन ने एक नवंबर को एक विज्ञप्ति जारी कर इस विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों से वसूले जा रहे शुल्क को बढ़ा दिया। इसमें कमरे का किराया से लेकर बिजली, पानी और मेंटेनेंस के शुल्क तक शामिल हैं।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ विश्वविद्यालय परिसर के दो हॉस्टल में रहने वाले छात्र बिजली और पानी की कीमतें पहले से ही चुका रहे हैं लेकिन अन्य 16 छात्रावास के छात्रों को मेंटेनेस की ये फ़ीस नहीं देनी पड़ती थी।

जेएनयू रजिस्ट्रार की तरफ से जारी इस विज्ञप्ति के मुताबिक़ मेंटेनेस पर सालाना 10 करोड़ रुपए ख़र्च किए जाते हैं और अब देश के बाक़ी विश्वविद्यालयों की तरह ही यहां के सभी छात्रों को खपत के मुताबिक़ बिजली, पानी, अन्य सर्विस चार्ज (सैनिटेशन, मेंटेनेंस, रसोइया, मेस हेल्पर इत्यादि) चुकता करने होंगे। इस शुल्क को 1700 रुपए मासिक रखा गया।

जेएनयू के छात्र बढ़ी फ़ीस से नाखुश हुए और इसके विरोध में तब से ही जेएनयू परिसर के एडमिन ब्लॉक के पास धरने पर बैठे हैं।

जेएनयू के प्रशासनिक भवन पर छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद जेएनयू प्रशासन ने बढ़ी हुई फ़ीस को बीपीएल छात्रों के लिए कम करने की घोषणा कर दी लेकिन छात्रों ने यह कहते हुए इस आंदोलन को और तेज़ कर दिया कि पुराने शुल्क ही लागू किए जाएं, उन्हें इसमें किसी भी तरह की बढ़ोतरी मंज़ूर नहीं है।

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