राज्य सभा में सोमवार से शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई। इस दौरान प्रदेश के राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने सुपेबेड़ा पीड़ितों की आवाज़ बने और फ्लोराइड युक्त पानी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा प्रदेश मं 10 जिलों के 281 गांव ऐसे जहां के लोग फ्लोराइड युक्त पानी पिने को मजबूर हैं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को पीने का साफ पानी मुहैया करने की मांग की।

बता दें कि गरियाबंद जिले का सुपेबेड़ा ऐसा गांव है, जहां फ्लोराइड युक्त पानी पिने से अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि पूरा गांव किडनी की बीमारी से पीड़ित है। इस गांव की समस्य छत्तीसगढ़ सरकार के गले की हड्डी बन चुकी है। हालात ऐसे हैं कि यहां के ग्रामीणों ने गांव को छत्तीसगढ़ से अलग कर ओडिशा में शामिल करने की मांग कर चुके हैं ताकि उन्हें साफ पानी मिल सके। फिलहाल सरकार के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम सुपेबेड़ा के पानी की जांच करने में लगी हुई है। वहीं, बीते दिनों राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भी सुपेबेड़ा का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है। 

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