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‘आयुष्मान भारत’ के हेल्थ वेलनेस सेंटर का छत्तीसगढ़ में बुरा हाल


छत्तीसगढ़ से शुरू हुए, केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना “आयुष्मान भारत” के हेल्थ वेलनेस सेंटर के संचालन में प्रदेश टॉप 10 में भी शामिल नहीं हो पाया है।

प्रदेश में संचालित इस योजना का शुभारंभ 14 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजापुर जिले के जांगला गांव से किया था। केंद्र ने हाल ही में आयुष्मान के हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालन के रैंकिंग की रिपोर्ट जारी की है इसमें छत्तीसगढ़ टॉप 10 में भी अपनी जगह नहीं बना पाया है। छत्तीसगढ़ को 29 राज्यों में से 11वां स्थान मिला है।

प्रदेश में हेल्थ वेलनेस के 800 सेंटर संचालित है। केंद्र ने रैंकिग में 100 अंक के मापदंड तैयार किये थे, इसमे छतीसगढ़ को 37 अंक मिले है। केंद्र ने सभी राज्यों को रैंकिंग की रिपोर्ट भेजी है, इसमें कहा गया है कि रैंकिग हर माह तय मापदंडो के आधार पर तय की जाएगी। पहली बार सितम्बर 2019 के लिए राज्यों की स्थिति देखी गई जिसमें दैनिक रिपोर्टिंग के साथ उपलब्ध करायी लगी सुविधाओं की स्थिति है ।

रिपोर्ट को लेकर राज्य नोडल अधिकारी (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) डॉ.एस पामभोई का कहना है, “ हमारा काम अच्छा चल रहा है, लेकिन भर्ती संबंधी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं होने और वेब पोर्टल में प्रविष्टियां दर्ज नहीं करने के कारण पीछे है। लेकिन जल्द ही इसमें सुधार हो जाएगा।“

इस रिपोर्ट में पहले स्थान पर आँध्रप्रदेश है व् पड़ोसी राज्य उड़ीसा 5वें स्थान पर है, जिनकी स्थिती छत्तीसगढ़ से काफी बेहतर है।

केंद्र ने राज्यों से कहा है कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के लिए व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को लाने के लिए शुरू की गयी है। केंद्र वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इस दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में महत्वपूर्ण यह है कि सभी राज्य स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करें, साथ ही सम्बंधित केन्द्रों पर भी दी जा रही सेवाओं पर भी ध्यान दे। केंद्र ने इस विषय पर राज्यों से सुझाव भी मांगे है।

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