देवेन्द्र पटेल@ 15  नवंबर से धान खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदेश भर में भारतीय जनता पार्टी ने मंडल स्तर पर राज्य सरकार का विरोध किया। भाजपा का कहना हैं कि धान की खरीदी में हो रही देरी के कारण प्रदेश के किसान बिचौलियों को धान बेचने के लिए मजबूर है। जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नौटंकी कर रहे हैं। जब हमारी सरकार थी तब दीपवाली के 2 दिन पहले ही किसानों से धान खरीद लिया जाता था। आज कांग्रेस के शासन में किसानों को बहुत तकलीफ झेलना पड़ रहा है। किसानों के पास समस्या बनी हुई है कि वे धान कहां रखें। खरीदी में जितनी ज्यादा देरी होगा उतना बिचौलियों और कोचियों को धान खपाने में समय मिलेगा। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में देरी करने पर किसानों को धान कम मूल्य पर कोचियों को बेचना पड़ रहा है।

राजीव अग्रवाल के बयान पर संचार विभाग के अध्यक्ष  शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि यदि भाजपा अपने धरने के विषय में यह जोड़ ले कि वह केंद्र सरकार से गुजारिश करती है कि केंद्र छत्तीसगढ़ से 2500 रुपये मूल्य पर चावल ख़रीदे तो यह छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में होगा। अन्यथा यह भाजपा का दोहरा चरित्र है। जो किसान हित की बात कर धरने पर बैठ राज्य सरकार का विरोध कर रही है।

बता दें कि एक दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मंत्रियों के साथ केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी और ज्ञापन दिया था। इस पर राज्य सरकार की मांग को केन्द्रीय मंत्रियों ने जायज मांग कहा है, इसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीएम भूपेश बघेल की मुलाकात करवाने की बात कही हैं। सकारत्मक पहल को देखते हुई मुख्यमंत्री ने अपना दिल्ली के प्रदर्शन को भी नहीं करने का मन बना लिया है, हालांकि इसे लेकर मुख्यमंत्री कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है।

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