जनसंपर्क विभाग के संवाद में हुए करोड़ो रुपयों की हेराफेरी के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की जांच तेज हो गयी है । इस मामले को लेकर ईओडब्ल्यू अब जनसंपर्क आयुक्त रहे आईएएस अफसर राजेश सुकुमार टोप्पो से पूछताछ करने जा रहा है ।

राज्य सरकार ने संवाद घोटाले की जांच का ज़िम्मा ईओडब्ल्यू को सौंपा है, ईओडब्ल्यू अब तत्कालीन अधिकारियों से जांच और पूछताछ करने जा रहा है । जानकारी के मुताबिक घोटाले के प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) व धारा 13(1)(ए) के तहत दो मामले दर्ज किए गए है । इसके बाद ईओडब्ल्यू में आईएएस राजेश टोप्पो सहित तत्कालीन अधिकारियों व दो एजेंसियों-कंसोल इंडिया व क्यूब मीडिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है ।

जिस आधार पर ईओडब्ल्यू का कहना है  कि जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ किया जाएगा, और जांच तेजी से की जाएगी । छत्तीसगढ़ संवाद में 21 निविदा प्रक्रियाओं द्वारा सूचीबद्ध की गई 48 फर्म व एजेंसियों का इम्पैनलमेंट पहले ही रद्द किया जा चुका है जिन्हें दिये गए 85 करोड़ रुपये के कार्यो में से 61 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है ।

पूर्ववर्त्ती सरकार ने इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में भी हेराफेरी की थी , चुनाव प्रचार-प्रसार सहित अन्य मदों को लेकर करीब ढाई सौ करोड़ रुपए का बजट बनाया था , लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने से  पहले करीब 400 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए । जो कि संपर्क विभाग के लिए जारी बजट से दो सौ करोड़ रुपए ज्यादा है ।

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