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ग्रामीण विकास “नरवा गरवा घुरवा बारी” से निकल आज सीएम भूपेश बघेल ने नगरीय विकास पर डटे रहे.. जानिये क्या कहा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार अपने लोकवाणी कार्यक्रम में नगरीय विकास के तथ्यों पर बात कर रहे थे। रेडियो पर सीएम बात करें तो आमलोग सुनते ही हैं क्योंकि ग्रामीण विकास से निकल कर आज सीएम भूपेश बघेल ने नगरीय विकास की बात की।

लोकवाणी के पहले सवाल पर ही इसका जिक्र था, कि जिस तरह ग्रामीण विकास के लिए नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी से आपने कार्य किया । उसी तरह नगरीय विकास में पेयजल, स्वच्छता, बसाहट पर भी ध्यान दिया जाए। सवाल सही और वाज़िब भी है, नगरीय विकास में स्वच्छता, पेयजल की समस्या अहम रूप से देखी जाती रही है ।

सीएम भूपेश बघेल ने इसका जवाब देते हुए कहा –

नगरीय क्षेत्रों में वर्षा जल संचय और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने अनेक योजनाओं संचालित है। उन्होंने कहा कि पेयजल और नगर की बसाहट बुनियादी जरूरतें हैं। सच में भू-जल स्तर का गिरना चिंता का विषय है, हमारी सरकार ने नियमों में संशोधन करके अब प्रत्येक आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है।

छह प्रकार की रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट की दर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई है और सैकड़ों एजेन्सियों तथा स्व-सहायता समूहों को आगे किया गया है कि वे एक माह के भीतर सभी जगह रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करें। हम चाहते हैं नए भवनों में बिजली कनेक्शन भी तभी दिया जाए, जब रेन वाटर हार्वेस्टिंग की यूनिट वहां लगा दी जाए।

नरवा गरवा के विषय पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा – अब ग्रामीण विकास का साधन ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ योजना को शहरों को जोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। ताकि शहरों का भी विकास हो सके। नगरीय विकास पर सीएम भूपेश बघेल अपने सारे तथ्य सामने रखे। लेकिन, एक महत्वपूर्ण तथ्य उन्होंने युवा वर्ग को साधने के लिए रखा ।

युवाओं को साधने

उन्होंने नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में हुए बदलाव की बात करते हुए इसे युवाओं के हित में बताया

उन्होंने कहा – महापौर या अध्यक्ष के दोनों पद प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की तरह एक्जीक्यूटिव पद हैं। यदि पार्षदों का समर्थन नहीं मिलता तो नगर का विकास ठप्प पड़ जाता है। पार्षद जब अपना मुखिया चुनेंगे तो नगरीय विकास का काम निर्बाध रुप से पूरा होगा। जब 21 साल में कोई पार्षद बन सकता है तो मेयर क्यों नहीं बन सकता। हमें युवाओं को सम्मान देना, युवाओं को जिम्मेदारी देना, युवाओं पर भरोसा करना सीखना होगा। हमने प्रदेश को कुचक्रों से बाहर निकालने में सफलता पाई है और अब युवा जोश और ऊर्जा से राजनीति को स्वस्थ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। शहरों का नियोजित विकास, उत्साह से भरपूर और खुशनुमा वातावरण का निर्माण हमारी प्राथमिकता है।

आज की लोकवाणी नगरीय विकास पर आधारित थी, चूंकि नगरीय निकाय चुनाव सामने है, तो यह एक नजरिया रखने के लिये जरूरी भी था। निकाय चुनाव की आचार सहिंता लगने से पहले मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्र में किए गए काम को इस लोकवाणी के जरिए बता रहे थे। यानी निगाहें विकास की योजनाओं पर थी और निशाना निकाय चुनाव में अपने दल की जीत पर।

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