शनिवार रात “बुलबुल” के पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और बांग्लादेश के तट से टकराने के साथ ही छत्तीसगढ़ में तूफान के असर दिखने की आशंका बनी हुई थी, प्रदेश के किसानों के बीच फसल बर्बाद होने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुवी थी। अभी छत्तीसगढ़ में धान की फसल खेतों में कटने के लिए तैयार हो चुकी है और खड़ी फसल में किसी चक्रवाती तूफान के प्रभाव से आँधी-बारिश की आशंका ने किसानों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी, परन्तु मौसम विभाग से मिल रही जानकारी अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा बुलबुल चक्रवात शनिवार रात भारत के पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के तटों से टकराया इसी के साथ ही 120-135 किमी प्रतिघण्टे के रफ्तार से तेज हवाओं और बारिश के कहर ने दोनों ही प्रदेशों के तटीय इलाकों में जमकर तबाही मचाया, वहीं पश्चिम बंगाल से गुजरने के साथ ही  तूफान कमजोर पड़ गया था।

‘बुलबुल’ के छत्तीसगढ़ में भी दस्तक की आशंका और ख़ासकर बस्तर संभाग में ज्यादा असर देखे जाने की संभावना पर अंकुश लगता नजर आ रहा है, परंतु बादल छाने और हल्की बारिश की आशंका अभी भी बनी हुई है।

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