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दिल्ली में प्रदूषण की मूल वजह पराली का समाधान केवल 20 रुपए में जानिये कैसे..

“पराली” जिसका नाम लेने भर में ही एक चित्र स्पष्ट रूप में दिखने लग जाती है  वो है – “प्रदूषण” मौजूदा समय में पराली देश में बढ़ रहे प्रदूषण, किसानों को हो रहे नुकसान , आम लोगो के बिगड़ते स्वास्थ्य का एक मूल वजह बन चुका है।

देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त प्रदूषण से घिरी हुई है, जहां प्रदूषण की वजह से आम लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो चुका है, इस प्रदूषण की एकमात्र वजह ” पराली” को माना जा रहा है।

“पराली ” का समाधान भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा के वैज्ञानिकों ने निकाल लिया है।

समाधान से पहले जानिये पराली है क्या ?

” पराली ” फसल के बाद खेत में बचे अवशेष है, जिसे किसान फसल के बाद जला देते है। माना जाता है एक एकड़ में 2.5 से लेकर 3 टन तक पराली की पैदावार होती है, इसे जलाने से लगभग 32 किलो यूरिया, 5.5 किलो डी.ए.पी. तथा 51 किलो पोटाश जलकर राख हो जाती है। और इसे जलाने से वायु में बन रही धूंए की परत की वजह से प्रदूषण भी अत्यधिक होता है। लेकिन, अब पराली का समाधान मिल चुका है।

भारतीय कृषि अनुसंधान पूसा के वैज्ञानिकों ने इसका समाधान निकाला है , उन्होंने इस समाधान को पूसा डिकम्पोजर नाम दिया है । ये डिकम्पोजर कैप्सूल के रूप में है , और इसकी 4 कैप्सूल एक टन पराली को खाद में बदल देगी । इसका मूल्य  20 रुपये होगा । मतलब यह है, कि किसान कम कीमत में पराली को जलाने की समस्या से छुटकारा पा लेंगे और फसल के लिए खाद की समस्या भी दूर हो जाएगी । मूल बात यह है कि इसके प्रयोग के बाद पराली, प्रदूषण के लिये जिम्मेदार भी नहीं होगी। फिलहाल यह कैप्सूल किसानों के लिये बाजारों में उपलब्ध नहीं है। इसपर पूसा कृषि अनुसंधान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ राजेन्द्र सिंह ने बताया है कि जल्द ही केंद्रीय कृषि मंत्रालय इसका उत्पादन कराएगा और किसानों तक इसे पहुँचाया जाएगा। !

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