पढ़ने लायक

अंतागढ़ टेपकांड में आया एक नया मोड़, जस्टिस सामंत ने किया सुनवाई से मना…

प्रदेश के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड की चल रही सुनवाई में एक नया मोड़ आया है । टेपकांड की सुनवाई कर रहे जस्टिस  आरसीएस सामंत ने इससे दूरी बना ली है साथ ही असमर्थता दिखाते हुए सुनवाई से मना कर दिया है ।

जस्टिस सामंत के मना करने के बाद अब इस केस को दूसरे न्यायालय में भेजने का निर्णय लिया गया है , यह मामला अब सीजे के पास सौंप दिया गया है । अंतागढ़ टेपकांड की अगली सुनवाई की तारीख और न्यायालय अब मुख्य न्यायाधीश निर्धारित करेंगे । अंतागढ़ टेपकांड मामले में शासन की तरफ से प्रस्तुत किए गए आपराधिक पुनरीक्षण याचिका लगाई गई है। हाईकोर्ट जस्टिस आरसीएस सामंत ने व्यक्तिगत कारणों से सुनवाई करने से असमर्थता जताई है।

क्या है अंतागढ़ टेपकांड मामला :

साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.